हिमाचल और उत्तराखंड के लोगों की आस्था के केंद्र चूड़धार तक पक्के रास्ते का निर्माण किया जाएगा। शिमला की चौपाल तहसील के सराहां और सिरमौर के नौहराधार के माध्यम से दोनों रास्ते सड़क से जोड़े जाएंगे। इससे आगे पक्के रास्तों का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चूड़ेश्वर सेवा समिति के 16वें वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। चूड़धार को एक आदर्श तीर्थ केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और यहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चूड़धार हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों की आस्था का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
इन राज्यों के सभी भागों से लोग यहां देवता शिरगुल महाराज की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। चूड़धार के दोनों ओर के रास्तों को सड़कों से जोड़ा जाएगा ताकि मंदिर में दोनों ओर से आने वाले श्रद्धालु आसानी से यहां पहुंच सकें। वीरभद्र सिंह ने कहा कि महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्रों में प्राथमिकता के आधार पर बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने चूड़धार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने व ठहरने की व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रयासों की सराहना की। चूड़ेश्वर सेवा समिति के मुख्य सलाहकार एनसी चौहान ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समिति चूड़धार के संपर्क मार्गों की सफाई तथा पर्यावरण संरक्षण बारे अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के आदेश दिए।
भोरंज में होगी कांग्रेस की जीत : वीरभद्र
चूड़ेश्वर सेवा समिति के 16वें वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में कहा कि भोरंज पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का गृह क्षेत्र माना जाता रहा है। अब तक वहां पर भाजपा का ही दबदबा रहा है लेकिन इस बार स्थिति उलट है। जनता कांग्रेस के साथ है। उन्होंने दावा किया कि उप चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में होंगे।