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वीरभद्र ने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री से उठाया ये मामला

Thu, 01 Sep 2016 11:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऊर्जा मंत्रालय से आग्रह किया है कि हिमाचल के लिए वर्षों से लंबित बीबीएमबी से देय बकाया राशि के भुगतान के मामले को शीघ्र हल किया जाए। इसके लिए हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद यह आवश्यक हो जाता है कि बीबीएमबी से देय बकाया राशि के भुगतान के मामले का हल निकालने को पंजाब सरकार समय रहते आगे आए।
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उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले का न्यायसंगत हल करने में अपना सहयोग प्रदान करें। दोनों राज्यों को इसका लाभ मिल सकेगा। सीएम ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में यह मामला उठाया। कहा कि हिमाचल ने देश के लोगों के व्यापक हित में सदैव अपना बलिदान दिया है, जिसकी भाखड़ा बांध और पौंग बांध जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं साक्षात गवाह हैं।

इनमें प्रदेश के हजारों परिवारों को विस्थापित होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा राज्य मंत्री को बताया कि छोटी जल विद्युत परियोजनाओं को लागू करने में ऊर्जा मंत्रालय से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है। इससे ऐसी परियोजनाओं का समय पर दोहन करके जनमानस तक इसका लाभ पहुंचाया जा सकेगा। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण श्रीधर ने राज्य में ऊर्जा के क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अन्य अधिकारियों के अलावा ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अर्चना अग्रवाल और मुख्यमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार टीजी नेगी भी उपस्थित थे।
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प्राथमिकता के आधार पर हल होंगे ये मामले

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित ऊर्जा मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीबीएमबी से देय बकाया राशि के भुगतान के मामले में मध्यस्थता करने के लिए कारगर कदम उठाए जाए।

कोटला में इंजीनियरिंग कॉलेज को भूमि अधिग्रहण का मामला उठाया  
शिमला जिले के ज्यूरी के समीप कोटला में स्थापित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री को अवगत करवाया कि सतलुज जल विद्युत निगम के पास अतिरिक्त भूमि उपलब्ध है। इसका उपयोग इस कॉलेज को

स्थापित करने में किया जा सकता है। सरकार ने पहले ही यह मामला एसजेवीएनएल और ऊर्जा मंत्रालय के साथ उठाया हुआ है। इसमें उनके सहयोग की जरूरत है, जिससे इस भूमि पर कालेज के निर्माण का कार्य समय पर शुरू किया जा सके।

 
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