विधायक निधि, पिछड़ी पंचायतों का फंड और विकेंद्रीकृत योजनाओं को रोककर कांग्रेस सरकार ने जनता को कई तोहफे दिए हैं। वित्त विभाग और कैबिनेट मंजूरी के बाद खोले 600 से अधिक संस्थान बंद करने, विधायक निधि रोकने और जनता जनता के हितों से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में भाजपा के 25 विधायक सड़क से सदन तक विरोध करेंगे।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस दो महीनों में अपनी ही गारंटियों में उलझकर रह गई है। विधायक निधि, पिछड़ी पंचायतों का फंड और विकेंद्रीकृत योजनाओं को रोककर कांग्रेस सरकार ने जनता को कई तोहफे दिए हैं। वित्त विभाग और कैबिनेट मंजूरी के बाद खोले 600 से अधिक संस्थान बंद करने, विधायक निधि रोकने और जनता जनता के हितों से हो रहे खिलवाड़ के विरोध में भाजपा के 25 विधायक सड़क से सदन तक विरोध करेंगे। परमार ने कहा कि कर्मचारियों को अगर ओपीएस दिया जाता है, तो यह अच्छी बात है, लेकिन पांच फीसदी कर्मचारियों के बदले में 95 फीसदी दिहाड़ीदारों-बेरोजगारों पर कर और कर्ज का भार डालना सही नहीं है।
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बिजली बोर्ड 900 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा। ऐसे में हर माह 300 यूनिट मुफ्त में कैसे दी जाएगी। सरकारी खरीद के इंतजार में लोगों की ओर से जमा किया गोबर भी अब सूखने लगा है। मोबाइल क्लीनिक की घोषणा भी कहीं पूरी होती नहीं दिख रही। विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश में दो बड़ी सीमेंट प्लांट बंद होने के बाद युवा सड़कों पर आ गए हैं। जलशक्ति विभाग से कई युवा निकाल दिए। अब सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने रोजगार न मिलने की स्थिति में कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। सरकार ने विधायक निधि बहाल नहीं की और जनता के हितों से खिलवाड़ जारी रखा तो अगले महीने से भाजपा जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
सरकार बनवाने वाले कांगड़ा की उपेक्षा मत करो
परमार ने सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आपकी सरकार बनवाने वाले कांगड़ा जिला की इस तरह से उपेक्षा मत करो। मंत्रियों के सचिवालय में नहीं बैठने से सचिवालय वीरान है। मंत्रियों की कोठियों के सौंदर्यीकरण पर खजाना लुटाया जा रहा है।
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हिमकेयर-सहारा योजनाओं की हो रही बेकद्री
परमार ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार में जरूरतमंदों के इलाज के लिए हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाएं शुरू की थीं। इनकी अनदेखी से आम आदमी को मुश्किल हो रही है। अस्पताल में मुफ्त मिलने वाली दवाइयां कम होती जा रही हैं। प्रदेश में बनने वाली दवाइयों के सैंपल फेल हो रहे हैं।
जनविरोधी निर्णय ले रही सरकार: रणधीर
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा जनविरोधी निर्णय ले रही है। 613 संस्थानों को डिनोटिफाई किया गया है। अब शिक्षा विभाग में भी ऐसा ही किया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों को भी डिनोटिफाई करने की तैयारी है। बिना समीक्षा किए तुगलकी फरमान जारी करने का भाजपा विरोध करती है। लोक निर्माण, जल शक्ति आदि विभागों में विकास कार्य रोक दिए गए हैं। नए टेंडर पर तो रोक लगाई है। जो टेंडर अवार्ड हो गए थे। उन्हें भी रोक दिए गए। जनहित में चली योजनाओं को बंद करने का जो सिलसिला चल रहा है। इसकी भाजपा निंदा करती है। रणधीर शर्मा ने बुधवार को शिमला में प्रेस वार्ता की। शर्मा ने कहा कि आर्थिक स्थिति पर झूठा रोना रोया जा रहा है। इन्होंने विधायक क्षेत्र विकास निधि को भी रोक दिया गया है। अंतिम किस्त देने पर भी मुख्यमंत्री ने रोक लगा दी गई है। श्रीलंका जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। सरकार बनाई है। रोना रोने के लिए नहीं बने हैं। काम करके दिखाएं। कहीं कोई कमी हो, उसे दुरुस्त करें। आर्थिक स्थिति पर वह प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे दिखाया जा रहा है कि भाजपा ने ही कर्ज लिया हो। वर्ष 2012-13 में वीरभद्र सरकार बनी तो 28 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज तो वीरभद्र सरकार ने भी लिया। जयराम सरकार को तो पिछली सरकार के समय लिए कर्ज का भी ब्याज देना पड़ा। पिछली सरकार की सारी योजनाएं बंद कर अपनी गारंटियां देना तो षड्यंत्र है। प्रदेश में अराजकता का माहौल हो गया है। सीमेंट कारखाने बंद हुए दो महीने हो गए हैं। हजारों लोगों के बेरोजगार होने की कोई सुध नहीं है।