परमार ने कहा कि शीघ्र और निष्पक्ष जांच के लिए आईजीएमसी शिमला से जांच समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि टांडा राज्य का बहुप्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में अलग-अलग संकायों में चिकित्सक मौजूद हैं।
यहां हर रोज बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न भागों से मरीज उपचार के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि मानव जिंदगी बहुमूल्य है और किसी को भी जिंदगी से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि युवती की मौत से उन्हें निजी तौर पर गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा यदि अस्पताल की लापरवाही के कारण युवती की जान गई है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। रिपोर्ट में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।