परिवहन विभाग के पास जो सीरीज चल रही है, अगर कोई व्यक्ति उसके बीच का नंबर लेना चाहता है तो उससे 5 हजार रुपये लिया जाते थे। इसके अलावा 101, 103 और इसी तरह के नंबर लेने पर 20 से 25 हजार रुपये लिए जाते थे।
हिमाचल में वीवीआईपी नंबर मुफ्त नहीं मिलेंगे। इसके लिए विभाग या तो ई टेंडरिंग करेगा या फिर बोली में ये नंबर दिए जाएंगे। इससे विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसके बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। - गोविंद ठाकुर, परिवहन मंत्री