अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ केकार्यकारी अध्यक्ष रूप लाल
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हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार को पद से हटा दिया गया है। प्रदेश के सात जिलों के प्रधानों, महासचिवों और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों ने मंगलवार को उन्हें निलंबित कर कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ तथ्यहीन बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए इन पदाधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। इस दौरान सात जिलों के प्रधान व प्रदेश कार्यकारिणी के प्रमुख सदस्यों ने सर्वसम्मति से वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रूप लाल को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त गया।
महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला मंडी के अध्यक्ष रूप लाल, जिला मंडी के महासचिव वेद ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला सोलन के प्रधान राकेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक नैहरिया, प्रदेश महासचिव व जिला हमीरपुर के अध्यक्ष सुमन बन्याल, प्रदेश सचिव वीर सेन ठाकुर, जिला शिमला के अध्यक्ष रविंद्र मेहता, जिला कांगड़ा के प्रधान विवेक गुलेरी, महासचिव नारायण सिंह, जिला कुल्लू के कार्यकारी अध्यक्ष मंजीत सिंह पठानिया, जिला बिलासपुर के प्रधान रणवीर सिह ठाकुर, महासचिव राकेश चंदेल के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में सभी ने एकमत से प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार की ओर से मीडिया में जारी बयानों का खंडन किया। कहा कि यह बयान विनोद कुमार का व्यक्तिगत बयान है। महासंघ की इस प्रकार की कोई भी बैठक प्रदेश स्तर पर नहीं हुई है तथा न ही किसी प्रकार का निर्णय लिया गया है।
मांगों को लेकर सीएम से मिलेंगे
तय किया कि शीघ्र ही नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष व प्रदेश महासचिव कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर व प्रदेश संयुक्त सलाहकार समिति के बारे में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। किसी भी प्रकार की वार्ता व महासंघ के समस्त कार्यों के लिए कार्यकारी अध्यक्ष व महासचिव को संयुक्त रूप में अधिकृत किया गया। इसके साथ ही प्रदेश चुनावों में एकत्रित डेलीगेशन फीस व रजिस्टर को महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष को सौंपने के आदेश दिए गए। कर्मचारियों की समस्त मांगों को उचित समय पर सरकार के समक्ष रखा जाएगा। महासंघ सरकार का विरोध करने वाले महत्वाकंाक्षी नेताओं का विरोध करेगा।
एक साजिशकर्ता की कठपुतली बन गए मुट्ठीभर लोग: विनोद
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि उन्हें कभी किसी पद की भूख नहीं रही है। वह शुरू से ही कर्मचारी हित के लिए सभी सरकारों से टकराते रहे हैं। लेकिन महासंघ के कुछ तथाकथित मुट्ठी भर लोग एक साजिशकर्ता के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष के पास भी कुछ विशेषाधिकार रहते हैं। विनोद ने कहा कि अभी तक उन्हें फेडरेशन का लेखा-जोखा नहीं सौंपा गया है। इसकी शिकायत पुलिस में भी की जा चुकी है।