गुरुवार को ग्रामीणों ने हेवना में धरना-प्रदर्शन कर एनएच प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लचर कार्यप्रणाली को लेकर एनएच प्राधिकरण की शवयात्रा भी निकाली। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने कहा कि एनएच प्राधिकरण और प्रशासन को डंपिग साइट से हो रही क्षति से अवगत करवा दिया गया था।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के पांवटा-शिलाई-गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 के डंपिंग यार्ड हेवना के मलबे से हुए नुकसान को लेकर ग्रामीण खासे नाराज हैं। गुरुवार को ग्रामीणों ने हेवना में धरना-प्रदर्शन कर एनएच प्राधिकरण और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लचर कार्यप्रणाली को लेकर एनएच प्राधिकरण की शवयात्रा भी निकाली। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने कहा कि एनएच प्राधिकरण और प्रशासन को डंपिग साइट से हो रही क्षति से अवगत करवा दिया गया था। डंपिंग यार्ड से बरसात में सारा मलबा और गंदगी गांव में आ रही है। सिंचाई कूहल और पुल को भी क्षति हो रही है।
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उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में हुई क्षति के बारे में उपायुक्त रामकुमार गौतम और एसडीएम पांवटा विवेक महाजन के संज्ञान में पूरा मामला लाया जा चुका है।
एक बार डंपिंग यार्ड पर रोककर नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन भी दिया गया था। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन ही मिलता रहा है। अब एनएच और प्रशासन भी सुध नहीं ले रहा है। ग्रामीणों की फसलों में टमाटर, मटर, अदरक व अन्य फसलें सूख गई हैं। कम से कम दस लाख का नुकसान हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ व क्षति की भरपाई नहीं की गई तो ग्रामीण मार्ग जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर संतराम, जगत सिंह, मंगल ठाकुर, भगवान सिंह,सोमदत, कुलदीप, शूरवीर, रघुवीर, प्रताप सिंह और मुकेश सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।