स्थानीय पंचायत को साथ लेकर स्कूल प्रबंधन समिति ने कई बार सरकार से भवन के लिए धन की गुहार लगाई। ढाई साल पहले सरकार को प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन न तो सरकार ने इस पर ध्यान दिया और न ही प्रशासन और शिक्षा विभाग ने।
थक-हारकर ग्रामीणों ने खुद भवन बनाने का फैसला लिया और पहली मंजिल लगभग तैयार है। पंचायत प्रधान सूरजमणि, अभिभावक चैने राम तथा स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान जीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण अपने स्तर पर तीन कमरों के भवन का निर्माण कर रहे हैं।
तीन साल से निजी भवन में चल रहीं कक्षाएं
स्कूल तीन साल से निजी भवन में चल रहा है। अब मकान मालिक को घर की जरूरत होने पर उन्होंने इसका विकल्प तलाशने के लिए कहा है। पंचायत प्रधान सूरजमणि ने कहा कि पंचायत ने मकान मालिक से कुछ माह तक कक्षाएं चलाने की मोहलत मांगी है।
चुनाव आचार संहिता के समाप्त होते ही शिक्षा विभाग से स्कूल के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी जाएगी। प्रशासन की तरफ से जो भी संभव होगा सहयोग किया जाएगा। - यूनुस, उपायुक्त कुल्लू