हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बढ़ती पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए शहर में 15 स्थानों पर हाइड्रोलिक पार्किंग बनाई जाएंगी। शहर में जमीन की कमी को देखते हुए अब सरकार हाइड्रोलिक पार्किंग बनाने की योजना पर काम करने जा रही है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को आईटीआई स्पोर्ट्स मीट के समापन समारोह के दौरान कहा कि 1200 करोड़ रुपये की शहरी विकास योजना के तहत इन पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए आधुनिक हाइड्रोलिक पार्किंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 15 स्थानों को चिह्नित कर लिया है। इससे सीमित जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव होगी और सड़कों पर दबाव कम होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र स्तर पर भी इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होते ही 1200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिलने का आश्वासन मिला है। प्रस्तावित योजना में न केवल पार्किंग बल्कि शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक सुधार, अंडरग्राउंड यूटिलिटी पाइपलाइन और कांगड़ा एयरोसिटी जैसी योजनाबद्ध टाउनशिप भी शामिल हैं।