बर्फ हटाने के नाम पर हुए घोटाले, इसलिए हम सतर्क
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में बर्फ हटाने के नाम पर पूर्व सरकार में कई घोटाले हुए हैं। विधानसभा में भी यह मामले लगातार उठे हैं। प्रदेश के संसाधनों का दुरुपयोग न हो, इसलिए जहां बेहद जरूरी होगा, वहीं मशीनरी हायर की जाएगी। अधिकारियों को भी इसे लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश
प्रदेश में 26 से 28 जनवरी तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। राजस्व विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24x7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बर्फबारी वाले क्षेत्रों, बाढ़ संभावित जिलों और शहरी निचले इलाकों के लिए आपदा प्रबंधन, राहत और निकासी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें अद्यतन करने को कहा गया है।
आम जनता, पर्यटकों और यात्रियों तक समय रहते चेतावनी और परामर्श पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग को सड़कों की बहाली के लिए जेसीबी, स्नो कटर सहित मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैनात रखने तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को भारी बर्फ या बारिश से बाधित होने वाली बिजली आपूर्ति की त्वरित बहाली के लिए टीमों को स्टैंड बाय रखने के निर्देश दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग को पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के लिए उपयुक्त बंदोबस्त करने और पुलिस विभाग को बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक की आवाजाही बहाल रखने, सैलानियों के लिए एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष सचिव आपदा प्रबंधन दुनीचंद राणा की ओर से जारी निर्देशों में सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
हॉलीडे स्पेशल तीन घंटा लेट, एक्सप्रेस भी कालका से देरी से पहुंची शिमला
वहीं कालका-शिमला विश्व धरोहर रेल लाइन पर शुक्रवार को भी यात्रियों को परेशाानियों का सामना करना पड़ा। कालका रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से शताब्दी व अन्य ट्रेनों के देरी से पहुंचने के बाद शिमला की ओर टॉय ट्रेनें रवाना हुईं। इस कारण कई ट्रेनें तीन घंटे की देरी से कालका से शिमला की ओर निकलीं। कुछ ट्रेनें रास्ते में पेड़ व टहनियां लाइन पर गिरे होने के कारण 30 मिनट तक लेट हो गंई। हालांकि रेलवे बोर्ड के कर्मचारियों ने लाइन को सुचारु रखने के लिए प्रयास किए। 52457 कालका-शिमला एक्सप्रेस, 52451 शिवालिक एक्सप्रेस, 52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस ट्रेन निर्धारित समय से कालका से निकलीं, लेकिन रास्ते में ट्रैक पर गिरी हुईं टहनियों और पेड़ों के कारण स्टेशनों पर रुक-रुक कर शिमला पहुंचीं। वहीं, 52459 कालका-शिमला एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 7:00 बजे की बजाय 7:50 बजे चली। ये ट्रेन 50 मिनट लेट हो गई। इसके बाद हिमालयन क्वीन भी 12:05 बजे शिमला की ओर निकली, जबकि 04503 हॉलिडे स्पेशल ट्रेन 12:30 बजे की बजाय 3:30 बजे चली। ये ट्रेन तीन घंटे देरी से कालका से शिमला की ओर चली। बारिश व बर्फबारी के बाद ट्रेनें पूरी तरह से पैक होकर शिमला की ओर चल रही हैं। जनरल बोगी में भी खड़े होने की जगह तक नहीं थी।
रेल लाइन पर बारिश व बर्फबारी के बाद टहनियां और पेड़ गिरे थे। इन्हें बोर्ड की लाइनमैन टीम ने तुरंत हटाया है। आवाजाही सुचारु रूप से चल रही है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूरी देखरेख कर रहे हैं।
-नवीन कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, रेल मंडल अंबाला।