हिमाचल में नहीं होते शहजादे, मैं एक हिंदू और राजपूत: विक्रमादित्य सिंह
मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में शहजादे नहीं होते और न ही वह कोई शहजादे हैं। वे एक हिंदू और राजपूत हैं। यह बात उन्होंने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में कही। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आज पूर्व रियासतों के राज परिवारों के सबसे ज्यादा लोग भाजपा का हिस्सा हैं। हिमाचल प्रदेश में कुल्लू के महाराजा महेश्वर सिंह, पटियाला के महाराजा, मैसूर के महाराजा, जयपुर की महारानी और ग्वालियर के महाराजा भाजपा में हैं। कंगना बीना किसी औचित्य के बातें कर रही हैं। हिमाचल में शहजादे नहीं होते।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आज मंडी में खोली गई सरदार पटेल यूनिवर्सिटी सिर्फ एक विचारधारा विशेष का अड्डा बनकर रह गई है। यहां पर विचारधारा विशेष के लोगों की ओर से राजनीति की जा रही है। पूर्व की जयराम सरकार ने सिर्फ एक छोटे से कमरे में यूनिवर्सिटी खोल दी,जबकि यूनिवर्सिटी ऐसे नहीं चलती है। भाजपा ने इस यूनिवर्सिटी का राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करने की पूरी कोशिश की लेकिन इसके बेहतरीन आधारभूत ढांचे की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। हमारा यह प्रयास है कि सभी के सहयोग से इस यूनिवर्सिटी का बेहतरीन ढंग से संचालन किया जाए।
सड़कों पर एक भी बेसहारा पशु दिखाई नहीं देगा
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यदि वे सांसद चुने जाते हैं तो मंडी संसदीय क्षेत्र की सड़कों पर एक भी बेसहारा पशु दिखाई नहीं देगा। वे सरकार, प्रशासन और अन्य स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर बेसहारा पशुओं के लिए अधिक से अधिक गोसदनों का प्रावधान करवाएंगे ताकि इन बेसहारा पशुओं को भी उचित ठीकाना मिल सके और लोगों को इनके भय से निजात मिल सके। विक्रमादित्य सिंह ने इस कार्य को सभी के सहयोग से किया जाएगा और एक हिंदू होने के नाते यह हमारा फर्ज बनता है कि पशुधन की उचित देखभाल की जाए और उन्हें इस तरह सड़कों पर बेसहारा न छोड़ा जाए।