रोते-बिलखते लोगों ने बयां किया दर्द
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जीवनभर की पूंजी लगाकर अपने लिए बनाया अशियाना ब्यास नदी में बह गया और वह सड़क पर आ गए। रोते-बिलखते यह दर्द ब्यास नदी में आई बाढ़ से प्रभावित पारला भुंतर के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री व्रिकमादित्य सिंह व सांसद प्रतिभा सिंह से बयां किया है। गुरुवार को वह बाढ़ग्रस्त भुंतर इलाके का जायजा लेने पहुंचे थे। प्रभावितों ने कहा कि उनके घरवार उजड़े हुए चार दिन हो गए और अभी स्थानीय विधायक व प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया है। हालांकि कई नेता यहां आए, सभी बाहर-बाहर से निकल गए।
बाढ़ प्रभावित सरिता शर्मा, कुलदीप शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सुभाष शर्मा, पवन शर्मा, विनीत शर्मा ने कहा कि जब तक उनकी रहने की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक सरकार उनको घर बनाकर दें। रोते-बिखलते बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने सांसद प्रतिभा सिंह से उनको घर बनाने के लिए जमीन व उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई।
राहत राशि में भी अलग-अलग मापदंड, किसी को 10 हजार तो किसी के एक लाख
भुंतर के बाढ़ प्रभावितों को गुरुवार दोपहर बाद प्रशासन की तरफ से फौरी राहत राशि प्रदान की गई। इसमें 10,000 रुपये प्रत्येक प्रभावित को दिए गए। जबकि सैंज में हुए बाढ़ के नुकसान के प्रभावितों को एक-एक लाख की राशि दी है। प्रभावितों का कहना है कि राहत राशि में भी अलग-अलग मापदंडों को अपनाया जा रहा है। इसमें जो किरायेदार थे, उन्हें किसी तरह की फौरी राहत नहीं दी गई। बाढ़ में उनका भी लाखों का नुकसान हुआ है।