श्री नयनादेवी वन रेंज में अवैध कटान मामले में विजिलेंस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने वीरवार रात करीब एक दर्जन स्थानों पर ताबड़तोड़ छापामारी की।
यहां से कई दस्तावेज, हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, बैंक खातों की डिटेल कब्जे में ली। विजिलेंस ने इसी रेंज के वन विभाग के अधिकारियों के अलावा ठेकेदारों के यहां, वन विभाग की बस्सी, रामशहर और ऊना चेक पोस्ट पर छापामारी की।
इसमें केस से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। विजिलेंस की इस कार्रवाई से मामले में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा है। श्री नयनादेवी वन रेंज में वर्ष 2015 से अब तक करीब 25 हजार खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे। हालांकि, इस मामले को लंबे समय तक दबाकर रखा गया।
यही नहीं, मामले को दबाने में बड़े स्तर पर पैसों का खेल भी जमकर खेला गया। इसी दौरान इस संबंध में क्षेत्र से किसी ने पीएमओ को शिकायत भेजी। पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद गत वर्ष के अंत में विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि श्रीनयना देवी वन रेंज में करोड़ों रुपये का अवैध खैर कटान हुआ है।
‘अमर उजाला’ ने 25 फरवरी के अंक में ‘नयना देवी में बिना मंजूरी काट दिए खैर के 25 हजार पेड़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद उसी दिन विजिलेंस ने इस संबंध में इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 32, 33, आईपीसी की धारा 420,120 बी और प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धारा 13(1) (डी)आर/डब्ल्यू 13 (2) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
वन विभाग के तीन अधिकारियों के घरों पर, तीन ठेकेदारों, दो कत्था फैक्ट्री, चेक पोस्ट रामशहर, बस्सी और ऊना में छापामारी की है। लैपटॉप, हार्ड डिस्क सहित बैंक खातों की जानकारी, जरूरी दस्तावेज और डायरियां कब्जे में ली गईं हैं। दोषी चाहे कोई भी हो बख्शे नहीं जाएंगे।
- डीके चौधरी, एसपी, विजिलेंस