वीरभद्र सरकार के दौरान कथित पौधरोपण और आरसीसी पोल खरीद में घोटाले की विजिलेंस जांच होगी। जयराम सरकार ने दोनों ही मामलों में वन विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच में घपले की पुष्टि के बाद विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। अगले हफ्ते यह जांच शुरू हो सकती है। दोनों ही मामलों में तत्कालीन वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की चार्जशीट में आरोप लगाया गया था कि बिलासपुर के हरलोग क्षेत्र में 37.44 लाख रुपये का पौधरोपण कागजों पर कर दिया गया। डीएफओ बिलासपुर ने फरवरी 2015 में उच्च स्तरीय जांच कराई तो पता चला कि जहां पौधरोपण की बात कही गई, वहां पहले से ही घना जंगल है।
आरोपी अधिकारियों के खिलाफ डीएफओ बिलासपुर ने कार्रवाई की सिफारिश की तो तत्कालीन सरकार ने उन्हें ही स्थानांतरित कर दिया।
दूसरे मामले में वन विभाग ने 6.88 करोड़ रुपये कीमत के आरसीसी पोल खरीदे। इस खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी नियम कानून का पालन न करने का आरोप है।
बताया गया है कि पोल खरीद एक कांग्रेस कार्यकर्ता से की गई। आधे पोल खरीदकर सप्लायर को पूरा पैसा जारी कर दिया गया। दोनों ही मामलों पर पिछली सरकार मौन रही लेकिन जयराम सरकार के सत्तासीन होने के पौने दो साल बाद अब वन विभाग ने इन आरोपों की पुष्टि की है। सूत्रों की मानें तो वन विभाग ने जांच की सिफारिश प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू को भेजी है।