पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल से स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो नोटिस-नोटिस ही खेल रहा है। पूर्व सीएम की ओर से पिछले महीने दिए गए जवाब पर विजिलेंस ब्यूरो ने फि र से असंतोष का बहाना बनाकर एक और नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है।
सालों से चली आ रही इन्कवायरी में भी विजिलेंस ब्यूरो के अफसर राज्य सरकार की हरी झंडी के बावजूद अभी तक सबूतों की पुष्टि के अभाव में धूमल परिवार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला नहीं बना पाए हैं। बस, नोटिस पर नोटिस ही भेजे जा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों विजिलेंस ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में गंभीरता से मंत्रणा की है।
उपलब्ध जवाब और तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज करने पर चर्चा की है, मगर इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से नोटिस पर भेजे गए जवाब को नाकाफी बताया गया है। ऐसे में ये तय किया गया है कि उन्हें इस बारे में एक और नोटिस भेजा जाए।
आय से अधिक संपत्ति मामले में बार-बार नोटिस भेजे जाने पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल पहले भी भड़क चुके हैं।
पिछले महीने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को विजिलेंस ने एक बार फिर सेे रिमाइंडर के रूप में नोटिस भेजा था तो धूमल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। धूमल ने कहा था कि वे सात मई को अपनी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। बार-बार पत्राचार कर उनसे सूचना मांगी जा रही है।
वहीं, विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक का कार्यभार देख रहे डीजीपी संजय कुमार ने कहा कि उनके पास विजिलेंस ब्यूरो का महज कार्यभार है, इसलिए कुछ टिप्पणी नहीं करेंगे। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने बताया है कि उन्हें विजिलेंस ब्यूरो की ओर से शिकायत की प्रति तक नहीं मिली है तो ऐसे में मालूम नहीं कि विजिलेंस ब्यूरो किस तरह का जवाब चाह रहा है।