कोकजे ने कहा कि जन-जागरण का ही परिणाम है कि जो कांग्रेसी हिंदुओं को पानी पी-पी कर गाली देते थे आज मंदिर और मठों में जाकर यह कह रहे हैं कि कांग्रेस भी राम मंदिर बनाने की पक्षधर है। हिंदु की उदारता को कमजोरी समझा जा रहा है इसलिए जनजागरण कर ताकत दिखाना जरूरी है ताकि न्यायालय और सरकारों तक आवाज पहुंच सके।
जन जागरण से न्यायपालिका तक पहुंचेगी आम लोगों की आवाज
न्यायालय जनता से कटे हुए हैं। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं जिससे न्यायालय जनता की आशा आकांक्षाओं को जान सकें। न्यायालय उनके सामने होने वाली बहस के आधार पर फैसले देते हैं। जन जागरण से न्यायालयों तक भी आम लोगों की आवाज पहुंचेगी। कांग्रेस ने तो न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा था कि राम एक काल्पनिक पात्र था। सबरीमला केस में यह सिद्ध हो गया कि न्यायालय को जनता की आस्थाओं का पता नहीं होता। वहां इतना बड़ा आंदोलन अब न्यायालय के फैसले के विरुद्ध चल रहा है।
केंद्र सरकार में नहीं इच्छाशक्ति की कमी
यह पूछने पर कि राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार अध्यादेश लाने में क्यों देरी कर रही है, कोकजे ने कहा कि हमें नहीं लगता केंद्र सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। राम मंदिर के कारण ही भाजपा सत्ता में आई है। मूल कारण यह है कि अगर वो कोई भी कानून बनाएंगे तो वह फिर से न्यायालय में जाएगा और हार देखनी पड़ेगी। इसलिए सरकार ऐसा कानून बनाना चाहती है जो न्यायालय में चुनौती देने पर भी सफल साबित हो।