सबसे पहले वह 1983 में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता जितेंद्र के साथ हिम्मतवाला फिल्म की शूटिंग के लिए मनाली आई थीं। इसके बाद 1992-93 में सुपर स्टार सलमान खान के साथ चांद का टुकड़ा फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में पर्यटन नगरी आईं।
बागवानी क्षेत्र में अवार्ड ऑफ एक्सीलेंसी से नवाजे गए नकुल खुल्लर का कहना है कि उनके पिता अनिल खुल्लर की फिल्म निर्माता सावन कुमार टॉक से घनिष्ठता के चलते उनके बुलावे पर सेट पर श्रीदेवी से भी मिलने का उन्हें मौका मिला। वह बेहद मिलनसार मिजाज तथा मनाली के नैसर्गिक सौंदर्य पर मोहित थीं।
पंद्रह दिन तक फिल्म की शूटिंग के बाद जब सारी यूनिट मुंबई लौट गई, उसके बाद भी श्रीदेवी मनाली की खूबसूरती का लुत्फ उठाने के लिए करीब एक सप्ताह तक यहीं रहीं। इस दौरान वह सोलंगनाला, नग्गर और ढुंगरी समेत कई स्थानों पर गईं।
नकुल खुल्लर का कहना है कि बेटी जाह्नवी की पहली फिल्म धड़क की शूटिंग पूरी होने के बाद वह मनाली में छुट्टियां मनाने का प्लान कर चुकी थीं, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। स्थानीय कोआर्डिनेटर अनल कायस्था का कहना है कि श्रीदेवी के मनाली से लगाव के चलते मनालीवासी भी उनके निधन से सदमे में हैं।
हिमाचल में दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के नाम से एक गाना मेरी ‘श्रीदेवी कौखे चली तू’ गाना भी गाया गया है। इस गाने को लोक गायक ठाकुर दास राठी ने लिखा और गाया है। इसी गाने के बाद ठाकुर दास राठी को हिमाचल में पहचान मिली। अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन से लोक गायक ठाकुर दास राठी भी बेहद दुखी हैं। उनका कहना है कि श्रीदेवी के नाम वाले गाने से ही उन्हें फैंस का प्यार मिला है, लेकिन आज सुबह उनके निधन की खबर से वह स्तब्ध रह गए।