कुल्लू-मनाली फोरलेन पर भूस्खलन।
- फोटो : संवाद
कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे-3 पर देवधार में मंगलवार को भूस्खलन से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भूस्खलन के चलते देवधार में फोरलेन सड़क एकतरफा वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित हो गई। हालांकि दूसरी लेन में वाहनों की आवाजाही चलती रही लेकिन रामशिला में वाहन चालक जिया की तरफ जाने वाली लेन में निकले और आगे मलबा गिरा होने के कारण उन्हें पेट्रोल पंप के पास से वापस मुड़ना पड़ा। यहां पर किसी तरह की सूचना या बोर्ड नहीं लगाया गया था। सुबह करीब 11:00 बजे के बाद बंद हुए लेन में वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
तीन से चार घंटे तक भूस्खलन के चलते नेशनल हाईवे में आए मलबे के चलते लोग परेशान हुए। फोरलेन पर भूस्खलन के चलते क्रेट वायर सहित बड़े पत्थर भी गिर गए थे। गौरतलब है कि देवधार में भूस्खलन का सिलसिला पिछले कई सालों से चला है। फोरलेन निर्माण के लिए यहां पर पहाड़ी की कटिंग की गई है। इसके बाद यहां पर कई घरों में दरारें आईं। छह से अधिक परिवारों को अपने घर छोड़कर यहां से विस्थापित होना पड़ा। प्रशासन की ओर से देवधार में भूस्खलन रोकने के लिए एनएचएआई को निर्देश दिए गए थे। एनएचएआई की ओर से आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की सहायता भी ली गई लेकिन देवधार में भूस्खलन की समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है।
एनएचएआई की ओर से सड़क के किनारे डंगे लगाए गए थे, जो अब उखड़कर बीच सड़क में पहुंच चुके हैं। समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में भूस्खलन से और अधिक क्षति हो सकती है। एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि इस संबंध में एनएचएआई को निर्देश दिए जाएंगे।