अटल टनल से अब आम लोगों के साथ ही आपातकाल में वाहनों और एंबुलेंस की आवाजाही पर आगामी दो माह के लिए रोक लगा दी गई है। घाटी से रेफर मरीजों को रेस्क्यू करने में अटल टनल में आवाजाही पर रोक से मुश्किलें बढ़ेंगी। ऐसे हालात में सुचारु हेलीकॉप्टर सेवा जारी रखने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ जाएगा। टनल के भीतर निर्माण कार्य में तेजी लाने के मकसद से टनल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है। टनल से आवाजाही बंद होने से रेफर होने वाले मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है।
हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं होने की सूरत में अटल टनल के जरिये अब तक मरीजो को रेस्क्यू किया जा रहा था। लेकिन अब केंद्र सरकार से टनल निर्माण में तेजी लाने के दबाव के चलते बीआरओ को यह कदम उठाना पड़ा है। जिससे टनल का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरी की जा सके। बताया जा रहा है जबसे टनल को लोगों के लिए अस्थायी तौर पर खोला गया है। अब तक अटल टनल होकर सैकड़ों मरीजो को रेस्क्यू किया गया है।
माना जा रहा है कि हेलीकॉप्टर सेवा सुचारु नही होने की सूरत में मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी। वही रोहतांग दर्रा को बहाल होने में अभी लगभग डेढ़ माह का समय लग सकता है। अटल टनल में तैनात कर्नल परीक्षित मेहरा ने कहा कि टनल के भीतर निर्माण कार्य बढ़ जाने से आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। लिहाजा जिप अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से मांग की है कि घाटी से रेफर मरीजों को आपात स्थिति में किसी भी हेलीपैड से लिफ्ट करने की व्यवस्था की जाए।