7371 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में इन कक्षाओं को शुरू नहीं किया गया है। प्रदेश में गुड़िया और होशियार सिंह हेल्पलाइनों में 2,237 शिकायतें आई हैं। इनमें 21 शिकायतें लंबित हैं जबकि शेष पर कार्रवाई हो गई है।
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी के प्रश्न के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शुरू की गई गुड़िया हेल्पलाइन पर 15 नवंबर 2018 तक 1134 शिकायतें मिली हैं। 1,129 शिकायतें निपटाई जा चुकी हैं, जबकि पांच शिकायतें विचाराधीन हैं।
कुल शिकायतों में से 72 शिकायतों पर एफआईआर और 59 शिकायतों पर कलंदरे दर्ज हुए हैं। होशियार हेल्पलाइन पर 1103 शिकायतें दर्ज हुई हैं। 1087 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। 15 नवंबर 2018 तक 16 शिकायतें विचाराधीन थीं। इनमें से 11 शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रदेश भर के अस्पतालों में चल रहीं सिविल सप्लाई की दुकानों की समीक्षा होगी ताकि अस्पताल प्रशासन को उन दुकानों का किराया मिल सके। अस्पताल के आसपास प्राइवेट दवाइयों की दुकानें भी हैं। इससे सिविल सप्लाई की दुकानों की आय में प्रभाव पड़ रहा है।
देहरा के विधायक होशियार सिंह के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा है कि प्रदेश में विभिन्न अस्पतालों में सिविल सप्लाई की 36 दुकानें हैं। इसमें वर्तमान में 35 दुकानें चल रही हैं। लेकिन अस्पताल प्रशासन को इन दुकानों से किराया नहीं आ रहा है।
होशियार सिंह ने टांडा में दवाई की दुकान में लंबी लाइनें लगने की बात भी कही। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके ध्यान में ऐसा मामला नहीं है। यदि फिर भी टांडा में दवाई की दुकान में लंबी लाइन लग रही है, तो वहां पर दूसरा काउंटर स्थापित करने के लिए सरकार विचार करेगी।
हिमाचल सरकार पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग रांगले-रोघी, पांगी-रारंग, लिप्पा-श्यासो खड्ड के जीप योग्य मार्ग को अंतरवर्ती नहीं करेगी। शीत सत्र में किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी के प्रश्न के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि इस रोड को सरकार अंतरवर्ती मार्ग नहीं बनाएगी।
बीबीएमबी से लाडा (लोकल एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी) के तहत कोई भी कार्य करवाने का प्रावधान नहीं है। प्रदेश में लाडा साल 2006 में लागू हुआ है, जबकि बीबीएमबी इससे पहले की परियोजना है।
इसलिए लाडा के तहत बीबीएमबी को काम करवाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। नाचन के विधायक विनोद कुमार के प्रश्न के जवाब में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए लाडा के तहत धनराशि खर्च करने के लिए सीमा निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से छह माह में 70 युवाओं को रोजगार मिला है। सरकार ने योजना की घोषणा के बाद 26 मई 2018 को इसकी अधिसूचना जारी की थी। योजना के लिए 2018-19 के लिए एकमुश्त 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
नादौन के विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रश्न के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि सरकार ने युवाओं में उद्यमिता विकास व स्वरोजगार सृजन के लिए योजना चलाई है।
किन्नौर में सर्वाधिक 18 युवाओं को रोजगार मिला है जबकि ऊना में 14, मंडी में 10, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर में छह-छह, कुल्लू चार, सोलन तीन, बिलासपुर दो और लाहौल-स्पीति में एक युवक को रोजगार मिला है। प्रदेश में कुल 227 स्टोन क्रशर चल रहे हैं।
विधायक कर्नल इंद्र सिंह के प्रश्न के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री ने बताया कि शिमला में 25, सोलन में 30, चंबा में छह, लाहौल-स्पीति में दो, कुल्लू में 13, ऊना में 35, बिलासपुर में पांच, हमीरपुर में 18, मंडी में 16, सिरमौर में 21, किन्नौर में एक, कांगड़ा में 18 और नूरपुर में 37 स्टोन क्रशर चल रहे हैं।