मनी लांड्रिंग केस में आरोपी हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को अदालत ने समन भेजकर 22 मार्च को पेश होने को कहा है। इस मामले में गिरफ्तार बीमा एजेंट आनंद चौहान पर आरोप है कि वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी समेत परिवार से सदस्यों के नाम एलआईसी की पॉलिसी खरीदने में वीरभद्र सिंह से 5.14 करोड़ रुपये निवेश करवाया है। जांच में पाया गया कि वीरभद्र सिंह ने खुद व अपने परिवार के सदस्यों के नाम 6.03 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां बनाई थी।
सीबीआई की चार्जशीट में है वक्कामूला
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह समेत वक्कामूला चंद्रशेखर, चुन्नी लाल चौहान, जोगिंद्र सिंह और सह आरोपी लवण कुमार, प्रेम राज और राम प्रकाश भाटिया को सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में नामजद किया है। सीबीआई का आरोप है कि वीरभद्र सिंह ने बतौर केंद्रीय मंत्री 10 करोड़ की संपत्ति अर्जित की, जिसका कोई ब्योरा नहीं है।
वक्कामूला को प्रोजेक्ट किया था अलॉट
प्रदेश सरकार ने वक्कामूला चंद्रशेखर की कंपनी मेसर्ज वेंचर एनर्जी एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड को चंबा के साई कोठी में 17 मेगावाट का प्रोजेक्ट आवंटित किया था, लेकिन वक्कामूला ने इस पर काम नहीं किया तो इस आवंटन को रद्द कर दिया। इसके बाद वक्कामूला अदालत चला गया और वीरभद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को दोबारा वक्कामूला को अलॉट कर दिया।