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सीआरआई कसौली में आधुनिक तरीके से तैयार होंगी वैक्सीन, करोड़ों से बनेगी लैब

Fri, 13 Aug 2021 12:21 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सोलन

सार

केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली 116 वर्षों से विभिन्न प्रकार की वैक्सीन व एंटी सीरम का उत्पादन किया जाता है। दवाओं के उत्पादन से करोड़ों मरीजों की जिंदगियां बचा चुका है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण वैक्सीन का उत्पादन बंद है। 
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वैक्सीन(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में करोड़ों रुपयों की लागत से आधुनिक जीएमपी लैब तैयार होगी। इससे वर्तमान में बनने वाली सभी वैक्सीन और एंटी सीरम को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि लैब स्थापित होने के बाद वैक्सीन और एंटी सीरम सही पैरामीटर पर वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार होगी। इसके लिए इन दिनों सीआरआई कसौली में कवायद चली हुई है। संस्थान ने लैब तैयार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को दस्तावेज भेज दिए हैं। अनुमति के बाद लैब को आरएंडटी विंग परिसर में तैयार किया जाएगा।

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केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली 116 वर्षों से विभिन्न प्रकार की वैक्सीन व एंटी सीरम का उत्पादन किया जाता है। दवाओं के उत्पादन से करोड़ों मरीजों की जिंदगियां बचा चुका है। हालांकि, कई महत्वपूर्ण वैक्सीन का उत्पादन बंद है। डीपीटी वर्ग की वैक्सीनों के उत्पादन के लिए सीजीएमपी अनुरूप सुविधा तैयार की जा रही है। इसके लिए 150 से 200 करोड़ की लागत से लैब तैयार की जानी है। इससे पहले 2008 में वैक्सीन पैरामीटर पर खरा न उतरने के बाद डीसीजीआई ने संस्थान का उत्पाद लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया था जिसे 2011 में रिन्यू किया गया।  

कर्मचारी संघ भी कर चुका मांग 
सीआरआई कसौली कर्मचारी संघ भी लैब को लेकर कई बार मांग कर चुका है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया की जीएमपी लैब के लिए कर्मचारी संघ का  प्रतिनिधिमंडल पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिला और लैब के जल्द निर्माण के लिए मांग पत्र भी सौंपा। कई मांगें पूरी हो गई हैं। उम्मीद है कि आधुनिक लैब का कार्य भी जल्द शुरू होगा। 
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सरकार को भेजे गए दस्तावेज
सीआरआई कसौली के निदेशक डॉ. अजय तलहान ने बताया कि जीएमपी लैब की कवायद चली हुई है। लैब का काफी फायदा मिलेगा। इसके लिए सरकार को दस्तावेज भेजे गए है। अनुमित के बाद आगामी कार्य किया जाएगा। 

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