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हिमाचल: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों-गैर शिक्षकों को चार अप्रैल तक अवकाश, पांच से दाखिले

Wed, 31 Mar 2021 10:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

  • सरकारी स्कूलों में पांच अप्रैल से शुरू होगी दाखिला प्रक्रिया
  • उच्च शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश
  • 10 अप्रैल तक पहली से 12वीं कक्षा तक बिना लेट फीस के दाखिला 
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हिमाचल उच्च शिक्षा निदेशालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को चार अप्रैल तक छुट्टियां देने के बाद अब शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी एक से चार अप्रैल तक अवकाश दे दिया गया है। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्कूलों में अब पांच से 10 अप्रैल तक पहली से 12वीं कक्षा तक बिना लेट फीस के दाखिला प्रक्रिया चलेगी। 30 अप्रैल तक लेट फीस के साथ दाखिले दिए जाएंगे।

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शिक्षा निदेशालय ने राज्य पुस्तकालय, जिला पुस्तकालयों में नियुक्त स्टाफ को भी चार अप्रैल तक अवकाश देने का फैसला लिया है। बता दें कि दो अप्रैल को गुड फ्राइडे की छुट्टी है। तीन अप्रैल को सरकार ने सभी सरकारी महकमों में कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए अवकाश दिया है। चार अप्रैल को रविवार की छुट्टी है। ऐसे में एक अप्रैल की छुट्टी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अलग से दी गई है।

15 अप्रैल तक शिक्षण संस्थान बंद करने की तैयारी
 हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल तक शिक्षण संस्थान बंद करने की तैयारी है। राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 15 अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने की वकालत की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ भी इस प्रस्ताव पर मंथन किया गया।
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बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी देने से आनाकानी नहीं कर सकेंगे शिक्षक
वहीं,  स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से अप्रैल और मई में करवाई जाने वाली 10वीं और जमा दो कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन के लिए नियुक्त किए गए शिक्षक ड्यूटी देने से आनाकानी नहीं कर सकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को सभी जिलों के उपनिदेशकों को पत्र जारी कर कहा है कि स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों में अधीक्षकों और अप अधीक्षकों को नियुक्त किया जाता है, लेकिन कुछ शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं के संचालन कार्य में अपनी उपस्थिति नहीं देते हैं।

शिक्षा निदेशालय ने ऐसे सभी शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं के संचालन में नियुक्त अध्यापकों को अपनी सेवाएं अनिवार्य तौर पर देनी होंगी, ताकि बोर्ड की परीक्षाओं में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। अतिरिक्त शिक्षा निदेशक प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में सभी प्रिंसिपल को कहा गया है कि अपने अधीनस्थ बोर्ड परीक्षाओं के लिए नियुक्त अध्यापकों को परीक्षाओं के संचालन के लिए समय से कार्यभार मुक्त करना भी सुनिश्चित किया जाए।

शिक्षा निदेशालय ने दसवीं और जमा दो कक्षा की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों का रिकॉर्ड तैयार करना भी शुरू कर दिया है। निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को जारी पत्र में निर्देश दिए हैं कि दसवीं तथा जमा दो कक्षा के सभी विषयों के पात्र प्रवक्ता, ऐसे अध्यापक जो नियमित सेवा में कम से कम 3 वर्ष का अनुभव रखते हों और अनुबंध, पीटीए या एसएमसी अध्यापक जो कम से कम 4 वर्ष के अध्यापन का अनुभव रखते हों। ऐसे अध्यापकों का ब्योरा एकत्र कर शिक्षा बोर्ड धर्मशाला उपलब्ध करवाया जाए।

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