संयुक्त राज्य अमेरिका की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन माइकल मैककॉल के नेतृत्व में सात सदस्यीय दल मंगलवार को विशेष विमान से गगल एयरपोर्ट पहुंचा। एयरपोर्ट पर तिब्बती समुदाय के लोगों ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। तिब्बत को आजाद देश की मान्यता देने के सवाल पर मैककॉल ने कहा कि प्रस्ताव अमेरिकी सदन में पास कर दिया गया है।
मैककॉल ने कहा कि जल्द ही राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर कर देंगे। शाम साढ़े चार बजे माइकल और नैंसी ने निर्वासित तिब्बत सरकार की संसद को संबोधित किया और तिब्बत की आजादी का समर्थन किया। बुधवार को प्रतिनिधिमंडल दलाई लामा, भारत सरकार के अधिकारियों और अमेरिकी व्यवसायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा।
दरअसल, तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा अपने चेकअप के लिए 20 जून को अमेरिका जा रहे हैं। उनकी यात्रा से पहले मैक्लोडगंज में अमेरिकी कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात के लिए पहुंचा है। अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के मैक्लोडगंज दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात करना है। निजी होटल में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर चीन की भी नजर है, क्योंकि दलाई लामा के पुनर्जन्म की प्रक्रिया को चीन की ओर से नियंत्रित करने के प्रयास होते रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व यूएस हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी, हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी रैंकिंग सदस्य ग्रेगरी डब्ल्यू मीक्स, हाउस रूल्स कमेटी रैंकिंग सदस्य जिम मैकगवर्न, इंडो-पैसिफिक रैंकिंग सदस्य अमी बेरा और कांग्रेसी मैरिएननेट मिलर-मीक्स और हाउस फॉरेन अफेयर्स उपसमिति शामिल हैं।