टीसीपी और शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी (फाइल फोटो)
टीसीपी और शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी के कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में शामिल न किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। चौधरी ने कहा कि - मैं महकमे की बॉस हूं। क्या करना है, क्या नहीं, वह विभाग को ही तय करना है। कमेटी को जो काम सौंपा गया है, उसे वही करना होगा। विभाग मेरे पास है। रिपोर्ट मेरे पास आएगी, मुख्यमंत्री के पास आएगी। मेरे बॉस मुख्यमंत्री हैं।
प्रदेश की 84 पंचायतों तथा स्थानीय लोगों ने टीसीपी से बाहर करने की गुहार लगाई है। सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी को इसकी रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। सरवीण चौधरी भले ही विभाग की मंत्री हों, लेकिन उन्हें कैबिनेट सब कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। कैबिनेट ने टीसीपी से गांव को बाहर करने के लिए तीन सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी गठित की है।