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Himachal: सीडीएस परीक्षा में हिमाचल के रजत कुमार ने देश में किया टॉप, ऐसे हासिल किया मुकाम

Thu, 25 Apr 2024 10:06 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शाहपुर(कांगड़ा)/दाड़लाघाट (सोलन)

सार

 जिला कांगड़ा के उपमंडल शाहपुर के गांव गोरड़ा के रजत कुमार ने संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। 
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सीडीएस परीक्षा में हिमाचल के रजत कुमार टॉपर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल शाहपुर के गांव गोरड़ा के रजत कुमार ने संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। 3 सितंबर, 2023 को हुई यह परीक्षा रजत ने बिना किसी कोचिंग के पास की है। अभी उनका इंटरव्यू होना है। इस उपलब्धि के चलते सुबह से ही रजत के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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23 फरवरी, 2002 को माता बेबी और पिता प्रदीप कुमार के घर जन्मे रजत ने अपनी स्कूली परीक्षा केंद्रीय विद्यालय गोहजू से पास की। पिछले साल ही राजकीय महाविद्यालय शाहपुर से 82 फीसदी अंक के साथ बीए की परीक्षा पास कर कॉलेज में टॉप किया था। इसके लिए रजत को स्कॉलरशिप भी मिली थी। रजत के पिता भारतीय डाक सेवा की शाखा भनाला में सेवारत हैं।

रजत ने बताया कि उन्हें सेना में जाने के लिए उनके मौसा लेफ्टिनेंट कर्नल हरि राम ने प्रेरित किया। माता-पिता ने हमेशा पढ़ाई करने में उसका सहयोग किया। वह दो साल पहले हिमाचaल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती भी हुए थे। उस समय उनकी बीए की पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी। इससे पहले एनडीए की परीक्षा भी पास की थी, लेकिन वह इंटरव्यू में असफल रहे। रजत ने बताया कि उन्होंने कभी भी कोचिंग नहीं ली। संवाद

सीडीएस परीक्षा में भराड़ीघाट के नमन ने पाया 14वां रैंक
अर्की उपमंडल की भराड़ीघाट पंचायत के कालर-जेरी गांव के नमन कुमार ने सीडीएस परीक्षा में देश भर में 14वां रैंक हासिल कर नाम रोशन किया है। अब वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर देश की सेवा करेंगे। नमन कुमार के पिता नरेंद्र कुमार भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। माता ममता वर्मा गृहिणी हैं।

 
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नमन ने इस परीक्षा को अपने पहले प्रयास में ही सफलता पाई। 20 वर्षीय नमन ने सफलता का श्रेय माता-पिता समेत परिवारजन को दिया है। नमन ने यह उपलब्धि बिना किसी विशेष कोचिंग के प्राप्त की है। उन्होंने दृढ़ संकल्प और स्वाध्याय से सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा गांव और सोलन जिला गौरवान्वित है। उनकी इस सफलता से युवाओं को एक नई प्रेरणा और दिशा मिली है। उनका यह कदम अन्य युवाओं के लिए एक उदाहरण और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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