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Shimla News: सैहब कर्मचारी यूनियन को एजीएम में न बुलाने पर घमासान

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यूनियन का आरोप, कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी कर रहा है नगर निगम, 4 को होगी एजीएम
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शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य करेंगे बैठक की अध्यक्षता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम की सैहब सोसायटी की वार्षिक बैठक (एजीएम) से पूर्व ही घमासान मच गया है। नगर निगम के सैहब कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि आठ साल बाद होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनियन के किसी भी पदाधिकारी को नहीं बुलाया गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि पहले ही नगर निगम उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रहा है। अब नगर निगम की जगह सचिवालय में यह बैठक करवाई जा रही है। इससे कर्मचारियों को शक है कि नगर निगम बैठक में न बुलाकर गुपचुप फैसले की तैयारी में है। सैहब सोसायटी की वार्षिक आम बैठक सचिवालय में 4 अप्रैल को होगी। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे लेकिन दूसरी ओर सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर्स यूनियन ने एजीएम को लेकर आपत्ति जताई है। यूनियन का कहना है कि निगम ने कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी करार दिया है।
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यूनियन का कहना है कि एजीएम का आयोजन सोसायटी के पंजीकृत स्थान पर न करके सचिवालय में किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें बैठक में नहीं बुलाया जा रहा। यूनियन का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की भागीदारी को सीमित करने का प्रयास है। यूनियन के उपाध्यक्ष अमित भाटिया ने प्रशासन से मांग की है कि एजीएम को पारदर्शी, न्यायसंगत और सहभागी बनाया जाए। यूनियन के प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया जाए जिससे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सके।
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मांगें पूरी न हुई तो करेंगे हड़ताल : सिंह
सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने बताया कि आठ सालों से यह बैठक नहीं हुई है। शहर में 850 के करीब सैहब कर्मचारी हैं। इसमें 650 सैहब कर्मी शहर के 64 हजार घरों और दुकानों से कूड़ा उठाने का काम करते हैं। इसके अलावा बाकी के लोग स्वीपिंग यानि का झाड़ू लगाने का काम करते हैं। यूनियन चेजिंग रूम, कैलेंडर की छुट्टियां और ग्रेच्युटी की सुविधा देने की मांग कर रही है। इन मांगों के पूरा होने के बाद कर्मी बायोमीट्रिक हाजिरी भी लगाएंगे। ऐसा नहीं होता है तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
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