सुबह पेयजल कंपनी के एमडी से की गई बात
ट्रांसफर किए महाप्रबंधक भी बैठक में बुलाए गए अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में जांच के दायरे में आई 24 घंटे पानी देने की योजना पर घमासान मच गया है। विवाद बढ़ने के बाद शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार सुबह ही पेयजल कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर को प्रदेश सचिवालय बुलाकर इस पूरे मामले पर रिपोर्ट ली।
पूछा कि आखिर कंपनी में क्या चल रहा है। पेयजल योजना पर काम करने की बजाय अधिकारी आपस में ही क्यों उलझ रहे हैं। इसके बाद कंपनी से ट्रांसफर किए महाप्रबंधक अधीक्षण अभियंता राजेश कश्यप को भी सचिवालय बुलाया गया। अधीक्षण अभियंता राजेश कश्यप ने भी इस योजना के काम और ठेकेदार कंपनी पर की जा रही मेहरबानी को लेकर सवाल उठाए थे जिसके बाद उनका तबादला जलशक्ति विभाग कर दिया गया। सचिवालय में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने काफी देर तक विवाद सुलझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि आपसी विवाद के बजाय शहर को 24 घंटे पानी देने की योजना पर काम किया जाए। यह योजना शहर की जनता के लिए सबसे अहम है। इसके लिए कंपनी के अधिकारी मिलकर काम करें। बैठक में महाप्रबंधक के अचानक तबादले पर भी लंबी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में विवाद नहीं सुलझा है जिसके बाद मंत्री ने इस पूरे मामले पर जल्द मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से बात करने का भरोसा दिया है। इसमें अधिकारी का तबादला वापस लेने पर भी चर्चा हो सकती है।