पथ परिवहन निगम की लापरवाही से हिमाचल में 30 वर्कशॉप को अपग्रेड करने का मामला लटक गया है। जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन के तहत हिमाचल को बसें जारी किए जाने के साथ वर्कशॉप को भी अपग्रेड किया जाना था, लेकिन निगम प्रबंधन ने इन वर्कशॉप का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं भेजा है।
इस कारण केंद्र ने वर्कशॉप को अपग्रेड करने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये देने से मना किया है। जेएनएनयूआरएम के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल को करीब 800 बसें दी हैं। साथ साथ हर वर्कशॉप को भी अपग्रेड किया जाना था। इसमें बस ठहराव के लिए जगह, वर्कशॉप में नए उपकरण, वर्षाशालिकाओं का निर्माण किया जाना था, हिमाचल सरकार
ने बसों के लिए राशि तो ले ली, लेकिन अब वर्कशॉप का पैसा नहीं ले पाई। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खमेंद्र गुप्ता का कहना है कि हिमाचल में वर्कशॉप की हालत दयनीय है। बारिश में छतों से पानी टपकता है और मौसम साफ होने पर धूल उड़ती है। वर्कशॉप में कर्मचारियों को काम करना मुश्किल हो रहा है। सरकार का वर्कशॉप की ओर कोई ध्यान नहीं है। -