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असुरक्षित भवनों से दहशत में लोग, प्रशासन पर भड़के

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सड़क से नीचे नहीं उतर रहा प्रशासन, कैसे मिलेगी राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कच्चीघाटी इलाके में प्रशासन ने हादसे की आशंका को देखते हुए कई भवनों को खाली करवा दिया है लेकिन अनसेफ भवन तोड़ने पर फैसला नहीं लिया। इस पर स्थानीय लोग भड़क गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन हमारे घर खाली करवाकर गायब हो गया है।
लोग सड़क किनारे बने पांच मंजिला दो भवनों को जल्द तोड़ने की मांग कर रहे हैं ताकि पहाड़ी के निचली तरफ बने भवनों को खतरा न हो। इन दोनों भवनों को प्रशासन ने अनसेफ बताते हुए दो दिन पहले खाली करवा दिया है। लेकिन अभी तक इन्हें तोड़ने पर फैसला नहीं लिया है। इन भवनों के ढहने की आशंका को देखते हुए निचली तरफ बने भवनों में रह रहे लोग भी दहशत में है। शनिवार को भी कई लोग घर खाली कर सामान समेटते नजर आए।
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अनसेफ भवनों में फ्लैट लेने वाले कई लोग भी शनिवार को मौके पर मौजूद रहे। नाले के पास बने भवनों को भी खतरा है। यहां भी तीन मंजिला भवन साथ लगते चार मंजिला चौहान निवास पर टिका हुआ है। इसे तोड़ने पर भी अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। भवन मालिक वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी सड़क पर आकर निर्देश दे रहे हैं। लेकिन नीचे नाले में हमारे भवनों को बचाने के लिए कोई नहीं आ रहा। यदि अनसेफ हुए भवन को तोड़ा जाए तो उनके मकान बच सकते हैं।
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कच्चीघाटी में बने बहुमंजिला
भवनों की जांच की तैयारी
शहर के कच्चीघाटी इलाके में बने बहुमंजिला भवनों की जांच करवाने की तैयारी चल रही है। इस क्षेत्र में ज्यादातर भवन सात से आठ मंजिला बने हैं। ज्यादातर के नक्शे तक पास नहीं है। यह कब बने और इसकी अनुमति ली गई थी या नहीं, नगर निगम इस पर जांच करवाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन पहले अनसेफ हुए भवन को तोड़ने को लेकर फैसला लिया जाना है। ऐसे में नगर निगम अभी अनसेफ भवनों पर ध्यान दे रहा है। निगम प्रशासन का कहना है कि इन भवनों को तोड़ा जाना है या नहीं, इसके लिए तकनीकी टीम जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट के बाद ही तोड़ने पर फैसला लिया जा सकता है।
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