प्रदेश भर में कोरोना महामारी के चलते लगभग छह माह से बंद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आज से खुलने जा रहे हैं। उधर पर्यटन नगरी मनाली के करीब दो हजार होटल और होम स्टे भी पर्यटकों के लिए खुल जाएंगे। इससे जहां प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही से सरकार के राजस्व में इजाफा होगा, वहीं टैक्सी चालकों, पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग से जुड़े लोगों का फिर कारोबारी शुरू होगा।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खुलने से आईटीआई में द्वितीय वर्ष और एक वर्षीय ट्रेडों के प्रशिक्षुओं की आज से कक्षाएं शुरू होंगी।
कोरोना महामारी के चलते आईटीआई प्रबंधन को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार हर दो घंटों के बाद कमरों को सैनिटाइज किया जाएगा। प्रशिक्षुओं को अपने साथ सैनिटाइजर भी रखना होगा। बिना मास्क किसी भी प्रशिक्षु को परिसर में आने की अनुमति नहीं होगी। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते शिक्षण संस्थानों को बंद किया गया था। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चल रही थीं। एक अक्तूबर से जरूरी-दिशा-निर्देशों के साथ अब प्रदेश भर के संस्थान खोल दिए जाएंगे।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य राहुल राठौर ने बताया कि दिशा-निर्देशानुसार आईटीआई को खोला जाएगा। उधर मनाली के होटल खुलने से एक बार फिर कोठी, गुलाबा, सोलंगनाला और हिडिंबा माता सहित कई दर्शनीय स्थलों में पहले की तरह पर्यटक उमड़ेंगे। सैकड़ों युवाओं को फिर आजीविका चलाने का अवसर मिलेगा। होटल खुलने से सरकार को भी लाखों का राजस्व प्राप्त होगा। पर्यटक आने से टैक्सी चालकों को भी राहत मिलेगी।
सैलानियों के आने से रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग करने वालों का कारोबार भी रफ्तार पकड़ेगा। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने बताया कि पर्यटन नगरी मनाली में गुरुवार से होटल तो खुल रहे हैं, लेकिन कोरोना के और बढ़ने का भी अंदेशा रहेगा। लिहाजा मनाली होटलियर एसोसिएशन ने मांग की है कि स्थानीय लोगों के हित में मनाली आने वाले सभी सैलानियों का कोरोना टेस्ट होना लाजिमी है। कई स्थानों पर कोरोना का रैपिड टेस्ट हो रहा है, जिसकी रिपोर्ट आधे घंटे में आ जाती है। इसी तर्ज पर जिले के प्रवेश द्वार बजौरा या मनाली में इस टेस्ट की सहूलियत हो।