पर्यटन विकास अधिकारी जगदीश ने किया निरीक्षण
चार संचालकों को जारी किए गए नोटिस संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। जिला पर्यटन विकास अधिकारी (डीटीडीओ) शिमला जगदीश शर्मा ने नारकंडा के झमुंडा और सिद्धपुर में अवैध तरीके से चल रहीं साहसिक गतिविधियों और जिप लाइन का औचक निरीक्षण कर इन्हें बंद करवा दिया।
जिप लाइन और अन्य साहसिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से लाइसेंस दिया जाता है लेकिन संचालकों ने यह लाइसेंस नहीं लिए हैं। सुरक्षा नियमों को पूरा करने के डीटीडीओ ने चार संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा निर्देश देकर सात दिन के भीतर सभी अवैध तरीके से चल रही गतिविधियों से संबंधित उपकरणों को हटाने को कहा है। इस संबंध में कोटगढ़ के वन विभाग को भी सूचित किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार के उपकरणों को लगाने और ढांचा बनाने की अनुमति न दी जाए। जगदीश शर्मा ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन विभाग तत्पर है और इसी कड़ी में यह कार्यवाही अमल में लाई गई है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह सामने आया है कि कुछ स्थानों पर बिना विधिक अनुमति और पंजीकरण के जिप लाइन तथा अन्य विविध साहसिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बिना मंजूरी के ऐसी गतिविधियों का संचालन न केवल दंडनीय है बल्कि पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
उच्च न्यायालय ने भी लिया संज्ञान
प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी इस विषय पर कड़ा संज्ञान लिया है और निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति संचालित हो रहीं साहसिक गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए। यदि कोई भी व्यक्ति संस्था या ऑपरेटर बिना अनुमति इन गतिविधियों के संचालन में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसमें गतिविधि स्थल को सील करना, जुर्माना और कानूनी दंड शामिल है।