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Shimla News: पोर्टर हिल के प्रवेश शुल्क पर विवि और वन विभाग में ठनी

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बातचीत के लिए नहीं आए वन अधिकारी अब चीफ वार्डन कुलपति को भेजेंगे पूरे विवाद की फाइल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के छात्रावासों से सटे वन विभाग के पोर्टर हिल क्षेत्र में छात्रों की आवाजाही रोकने और प्रवेश फीस लगाने का विवाद अभी तक नहीं सुलझ पाया है।
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एचपीयू प्रशासन और वन विभाग के बीच इसे लेकर सहमति नहीं बन सकी है। रविवार को छात्र इस मामले को लेकर उग्र हो गए थे जिसको लेकर वन विभाग के कर्मियों से बहसबाजी भी हुई थी। सोमवार को चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा से छात्र संगठन मिले और मांगपत्र भी सौंपे। वन विभाग के अधिकारी बातचीत के लिए बुलाए थे लेकिन वह चीफ वार्डन कार्यालय नहीं पहुंचे। इस पर अब चीफ वार्डन मामले का पूरा ब्योरा और छात्रों की ओर से दिए मांग पत्र सहित इस मामले को कुलपति को आगामी कार्रवाई के लिए भेजेंगे। एचपीयू और वन विभाग के बीच क्या बात बनेगी, यह दोनों पक्ष के अधिकारियों के बीच बैठक होने पर ही पता लग पाएगा। छात्र इस पर अड़े हैं कि छात्रावास के पास वन विभाग की यही एक खुली जगह है, जहां छात्र सुबह शाम सैर सपाटा करने, योगा, एक्सरसाइज करने सहित खेलने के लिए जा पाते थे। इस क्षेत्र के लिए एंट्री फीस तय किए जाने का छात्रों ने रविवार को विरोध किया था। फिलहाल वन विभाग के अधिकारी कुलपति से नीचे किसी भी स्तर के अधिकारी के साथ इस मामले को लेकर बात करने को तैयार नहीं हैं। छात्र संगठनों का तर्क है कि पोर्टर हिल में पूर्व में आए तत्कालीन खेल मंत्री और मौजूदा समय में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने छात्रों के लिए ओपन जिम बनाने की बात कही थी। इसी को आधार बनाकर छात्र पोर्टर हिल को विवि के छात्रों के लिए बिना शुल्क पहले की तरह प्रवेश की सुविधा जारी रखने की मांग कर रहे हैं।
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