आरक्षण लागू करने और छात्रावासों की कमी दूर करें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की इकाई ने शुक्रवार को छात्र समस्याओं को लेकर कार्यकारी परिषद (ईसी) के सदस्यों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, आरक्षण लागू करने, छात्रावासों की कमी दूर करने, नियुक्तियों की जांच तथा गैर शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
एसएफआई के कैंपस सचिव मुकेश ने बताया कि वर्ष 2013 के बाद से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बंद हैं जिससे छात्र प्रतिनिधित्व प्रभावित हुआ है। प्रतिनिधित्व के अभाव में छात्र अपनी समस्याएं प्रभावी ढंग से प्रशासन के समक्ष नहीं रख पा रहे हैं। संगठन ने मांग की कि प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव शीघ्र बहाल किए जाएं ताकि छात्र राजनीति को सकारात्मक दिशा मिल सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संविधान के 93वें संशोधन के तहत उच्च शिक्षा में पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन हिमाचल में इसे अब तक लागू नहीं किया है। एसएफआई ने इसे सांवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग की।
संगठन ने छात्रावास समस्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विवि में लगभग चार हजार छात्र अध्ययनरत हैं जबकि केवल करीब 1200 छात्रों को ही छात्रावास सुविधा उपलब्ध है। एसएफआई ने आरटीआई के हवाले से शिक्षकों की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की। नई शिक्षा नीति 2020 को संगठन ने जनविरोधी बताते हुए इसका विरोध दोहराया। इसके अलावा गैर शिक्षण कर्मचारियों की लंबित भर्ती का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र नियुक्तियां करने की मांग की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र आंदोलन किया जाएगा।