एसएफआई ने ईसी सदस्यों को सौंपा ज्ञापन, बोले-छात्र हितों को उठाने के लिए चुनाव बहाली जरूरी
विज्ञापन
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को दें दस फीसदी आरक्षण अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की कार्यकारिणी परिषद की बुधवार को हुई बैठक में शामिल होने आए ईसी सदस्यों को एसएफआई ने मांगपत्र सौंप कर छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई। कहा कि छात्र हित में चुनाव बहाली जरूरी है।
एसएफआई की विवि इकाई के सह सचिव आशीष ने सदस्यों से कहा कि छात्र राजनीति पर प्रतिबंध लगाए जाने से इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। छात्रों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। छात्र राजनीति का स्वरूप लगातार बदल रहा है। इसलिए उन्होंने छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की। एसएफआई ने 2019 में संविधान में 103वें संशोधन के बाद आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में 10 फीसदी आरक्षण के किए प्रावधान को सख्ती से लागू करनेे और इसका लाभ जरूरतमंद मेधावी छात्रों को दिए जाने की मांग को भी उठाया। इसके अलावा एसएफआई ने विवि के सभी छात्रों को छात्रावास सुविधा दिए जाने को नए छात्रावास के निर्माण शुरू करने की मांग की।
विज्ञापन
छात्र नेताओं ने कहा कि विवि के करीब चार हजार विद्यार्थियों में से 1200 छात्र-छात्राओं को ही छात्रावास की सुविधा मिल रही है। इकाई उपाध्यक्ष योगी ने ईसी सदस्यों से आरटीआई में जुटाई जानकारी में विवि शिक्षक भर्ती में अयोग्य लोगों को भर्ती करने और गड़बड़ी की जांच करवाने की मांग भी की। कहा कि विवि में इन गलत नियुक्तियों में भर्ती हुए शिक्षक परिसर में पढ़ाने, शोध अनुसंधान करने की जगह राजनीति कर रहे हैं। इनकी इन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। यह परिसर में संघ के एजेंडे को लागू करने का कार्य कर रहे हैं। यह विवि के नियमों की अनदेखी है।
नई शिक्षा नीति को युवा विरोधी : योगी
एसएफआई ने नई शिक्षा नीति को छात्र और युवा विरोधी बताया। योगी ने कहा कि एनईपी-2020 के माध्यम से शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें शिक्षा को बेचने का कार्य हो रहा है। एसएफआई ने 2019 से लेकर लटकी गैर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की। भर्ती में विवि ने आवेदन के नाम पर ही 4.50 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। विवि अब तक भर्ती परीक्षा तक नहीं करवा पाया है। इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर जल्द गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग भी उठाई। आशीष ने चेताया कि यदि इन मांगों को जल्द पूरा न किया तो एसएफआई प्रदेशभर में आंदोलन शुरू कर देगी।