केंद्रीय कानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने धर्मशाला में वीरभद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पर सरकार जमानत पर है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटा विक्रमादित्य सिंह जमानत पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री लोगों को गुमराह कर भाजपा पर झूठे केस बनवाने के आरोप लगा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोर्ट में लगे सभी मामले पूर्व की यूपीए सरकार के समय के हैं।
रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस के विकास का मॉडल अब वाड्रा और वीरभद्र सिंह हैं। कांग्रेस के दामाद वाड्रा बिना पैसे लगाए 300 करोड़ रुपये की जमीन के मालिक बन गए, जबकि वीरभद्र सिंह ने छह करोड़ रुपये के सेब ही स्कूटर में बेच डाले।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल में 2623 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनेंगे। इसमें 740 किलोमीटर एनएचएआई बनाती है, जबकि 1900 किलोमीटीर एनएच को प्रदेश सरकार के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। केंद्र सरकार के 740 में से 243 किलोमीटर का काम प्रगति पर है, जबकि 450 की डीपीआर बनकर तैयार है।
राज्य सरकार को 1900 किलोमीटर एनएच की डीपीआर बनाने को 200 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया है। अभी तक इसकी डीपीआर नहीं तैयार की गई है। हिमाचल सरकार केंद्रीय विवि के लिए भूमि चयनित नहीं कर पाई है। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के विकास के लिए राज्य सरकार ने अभी तक अपने हिस्से की धनराशि नहीं जमा की है।