शनिवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी अनेक राजमार्गों का काम चल रहा है। इस बजट में इन सभी परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा। पठानकोट-मंडी हाईवे को 10,067 करोड़ रुपये, मटौर-शिमला को 10512 करोड़ रुपये, किरतपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली को 13784 करोड़, पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ को 1692 करोड़ और परवाणू-सोलन-कैथलीघाट-शिमला 7,632 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिन पर काम चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय आमदनी में से 10,351.82 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। मल्होत्रा ने कहा कि इसी प्रकार सुरंगों की दृष्टि से पठानकोट-मंडी मार्ग पर पांच सुरंगों के लिए 2472 करोड़ रुपये, मटौर-शिमला पर तीन सुरंगों पर 1747 करोड़, किरतपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली पर 4 सुरंगों के लिए 5632 करोड़ रुपये, परवाणू-सोलन-कैथलीघाट-शिमला में 4 सुरंगों के लिए 1231 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की रेल परियोजनाओं को 2698 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें भानुपल्ली-बिलासपुर, नंगल-तलवाड़ा और चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के कार्य को गति मिलेगी। शिमला, पालमपुर, बैजनाथ-पपरोला और अंब-अंदौरा वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनेंगे। चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन को 300 करोड़, भानुपल्ली-बिलासपुर-रेललाइन को 1700 करोड़, नंगल डैम-तलवाड़ा को 500 करोड़ और अन्य प्रोजेक्टों को 198 करोड़ रुपये मिले हैं। हिमाचल प्रदेश में रेलवे विकास के लिए जारी बजट पूर्व की यूपीए सरकार से 25 गुणा ज्यादा है।इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बलवीर वर्मा आदि मौजूद रहे।