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Himachal News: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह बोले- महिलाओं के अधिकारों के साथ विपक्ष ने किया विश्वासघात

Sun, 19 Apr 2026 06:16 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला में रविवार को केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया। पढ़ें पूरी खबर...
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पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया।

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शिमला में रविवार को उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है।

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प्रियंका ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी : सरोज
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का अवसर आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के लड़की हूं, लड़ सकती हूं.... नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है।
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