होम स्टे बनाने के लिए मिलेगा 10 लाख तक मुद्रा ऋण
होम स्टे बनाने के लिए अब 10 लाख तक मुद्रा ऋण मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में नए उभरते पर्यटन स्थलों पर इस योजना के लागू होने से स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म और लघु व्यवसायों के लिए 10 लाख रुपये तक कर्ज का प्रावधान है। हिमाचल प्रदेश में मौजूदा समय में 4000 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। हिमाचल प्रदेश में सरकार ने नई होम स्टे नीति बनाई है, इसमें हिमाचलियों के साथ अन्य राज्यों के लोगों को भी वरीयता देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि अभी यह नीति अधिसूचित नहीं हुई है। हिमाचल में साल 2008 में धूमल सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आय का अतिरिक्त साधन बनाने के लिए होम स्टे नीति लेकर आई थी। उस समय होमस्टे के लिए बिजली पानी का बिल घरेलू दरों पर वसूलने का प्रावधान था और पंजीकरण शुल्क भी महज 100 रुपये रखा गया था, मौजूदा सरकार ने नई होम स्टे नीति में बिजली पानी की दरें व्यवसायिक दरों पर वसूले और पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क की दरें 5,000 से 12,000 रुपये तक निर्धारित कर दी है।
इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होने से सरल होगी ग्रीन स्टेट की राह
बजट में ईवी बैटरी विनिर्माण के लिए अतिरिक्त छूट की घोषणा की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में गिरावट आएगी। प्रदेश सरकार हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में प्रयासरत है। एचआरटीसी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलना प्रस्तावित है। सभी सरकारी विभागों में नए वाहन सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदने के निर्देश जारी किए गए हैं।