आयोग जब किसी पद को विज्ञापित करेगा तो वन टाइम रजिस्ट्रेशन वाले आवेदकों को एसएमएस या ई-मेल से अवगत करवाया जाएगा कि उनकी आवश्यकता और योग्यता मेल खाने की सूरत में वे आवेदन करें। आवेदकों को अपने लॉगइन में आवेदन करने के बाद केवल फीस ही जमा करवानी होगी। इससे उन्हें प्रवेश पत्र मिल जाएगा। आवेदकों को उपयुक्त एसएमएस और ई-मेल अलर्ट आते रहेंगे।
अभ्यर्थी अपने उत्तर देख सकेंगे
माई एग्जाम माई ऑनलाइन रिव्यू लिंक से उत्तर पुस्तिका को ऑनलाइन डाउनलोड किया जाएगा। इसका आंसर की से मिलान किया जाएगा। जहां परीक्षा के बाद परिणाम घोषित करने में सात-आठ महीने लग जाते थे, वहीं अब इससे परीक्षा लेने से लेकर रिजल्ट निकालने की पूरी प्रक्रिया को आठ-नौ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
हर जिले में ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन
लोक सेवा आयोग 15 अप्रैल, 2018 से हर नौकरी के लिए ऑनलाइन परीक्षा शुरू करेगा। शुरुआत शिमला जिले से होगी और अगले चरण में यह व्यवस्था हिमाचल के तमाम जिलों में होगी। इसके लिए हर जिले में सेंटर बनाए जाएंगे। प्रक्रिया में 35 से 40 प्रतिशत खर्चा घटेगा। आयोग कार्यालय में एक और भर्ती शाखा बनाई गई है। शाखाओं की संख्या तीन हो जाने से चयन प्रक्रिया में तेजी आएगी।
आयोग के अध्यक्ष राणा ने कहा कि पिछले नौ महीने से उन्हें किसी आवेदक की नौकरी लगाने की सिफारिश के लिए किसी नेता का कोई फोन नहीं आया। आयोग पर किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं रहता है। राणा ने सवालों के जवाब में कहा कि गलत भ्रांतियां रहती हैं कि राजनेताओं की एप्रोच से आयोग में इंटरव्यू पास हो जाते हैं। आयोग के सदस्यों को इस बात का भी पता नहीं होता है कि उनके पास साक्षात्कार के लिए कौन आवेदक जा रहा है। मेरिट के आधार पर ही प्रार्थी का चयन होता है।
अब एचएएस की परीक्षा में ऐच्छिक विषय नहीं
प्रदेश में अब एचएएस की मुख्य परीक्षा में ऐच्छिक विषय नहीं होगा। आने वाले समय में सभी पेपर सामान्य ज्ञान के ही हो सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग के निर्देश के बाद हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग भी इस नए प्रावधान पर गौर कर सकता है। इससे पहले ही एचएएस की प्रारंभिक परीक्षा में एक ऐच्छिक विषय को खत्म किया जा चुका है। मुख्य परीक्षा से भी एक ऐच्छिक विषय हटा दिया गया है। केवल एक ही रखा गया है। अब इसे भी हटाने की तैयारी है। आयोग के अध्यक्ष राणा ने इसकी पुष्टि की है।