फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिमला में वाहनों की एंट्री पर लगेगी ग्रीन फीस, बैरियर बंद, मोबाइल ऐप से होंगे जमा

Sat, 17 Feb 2018 07:04 PM IST
अशोक चौहान
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले सैलानियों और अन्य वाहन चालकों को अब शहर में एंट्री करने के लिए ग्रीन फीस चुकानी होगी। नगर निगम मार्च से ग्रीन फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है।

विज्ञापन


निगम प्रशासन ने इसका संशोधित प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत ग्रीन फीस न चुकाने पर अब दो हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। पहले पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा था। वहीं, शहर के प्रवेश द्वार पर अब फीस वसूली के लिए बैरियर नहीं लगेंगे। लोग अपने मोबाइल ऐप के जरिये ही फीस जमा करा सकेंगे।

नगर निगम ने ऐप बनाने का जिम्मा आईटी महकमे को सौंपा था जिसे अब तैयार कर लिया गया है। अगले हफ्ते निगम आयुक्त के समक्ष इस ऐप का ट्रायल किया जाएगा। निगम मार्च महीने से हर हाल में ग्रीन फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है। 28 फरवरी को होने वाली नगर निगम की मासिक बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, यह प्रस्ताव पहले ही निगम सदन से पारित हो चुका है। लेकिन बैठक में जुर्माना राशि और फीस जमा करने संबंधी बदलावों पर चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन


नहीं लगेंगे बैरियर, पुलिस-होमगार्ड की मदद लेगा निगम
ग्रीन फीस वसूलने से पहले निगम शहर के सभी प्रवेश द्वार पर होर्डिंग्स और पोस्टर लगाकर फीस भरने के लिए वाहन चालकों को जागरूक करेगा। इसके बाद भी यदि बाहरी राज्यों के नंबर वाला वाहन चालक फीस जमा नहीं करता है तो उस पर दो हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। शहर में आने के बाद किसने फीस नहीं भरी, इसकी चेकिंग के लिए नगर निगम पुलिस और होमगार्ड के जवानों की मदद लेगी। शहर में चारों प्रवेश द्वार पर लगने वाले बैरियर अब नहीं होंगे।

ग्रीन फीस पर कब क्या हुआ

- सितंबर 2012 से शहर में ग्रीन फीस लागू की गई
- फीस वसूली के लिए चार एंट्री प्वाइंट पर निगम ने बनाए थे बैरियर
- 2013 में एनएच और स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद ग्रीन फीस बंद
- एनएच से अनुमति लेकर निगम ने 19 सितंबर 2016 से फिर ग्रीन फीस वसूली को दी मंजूरी
- जुर्माना राशि, बैरियर से लगने वाले जाम और मोबाइल ऐप न बनने से लटका मामला
- जनवरी 2018 निगम ने जुर्माना राशि घटाने का प्रस्ताव किया तैयार
- मोबाइल ऐप और कम जुर्माने के साथ मार्च से फीस वसूली की तैयारी

निगम को होगी सालाना 15 करोड़ की आय
ग्रीन फीस से नगर निगम को करीब 15 करोड़ रुपये की सालाना आय होगी। इस आय को शहर के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता कार्यों पर खर्च किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त रोहित जम्वाल का कहना है कि मार्च से ग्रीन फीस लागू कर दी जाएगी।
विज्ञापन

जानें ग्रीन फीस की दरें

छोटे वाहन    200
बड़े वाहन     300
दोपहिया      50
बस            500
 
स्थानीय लोगों, सरकारी महकमों को मिलेगी राहत
शहर में जिन लोगों के पास बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं, उन्हें यह फीस नहीं चुकानी होगी। ऐसे वाहन मालिक अपने वार्ड के पार्षद से प्रमाणपत्र लेकर स्पेशल परमिट हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा सेना, हिमाचल और केंद्र सरकार की गाड़ियों को भी इस फीस में छूट मिलेगी।

सैलानी यहां जमा करवा सकते हैं ग्रीन फीस
दूसरे राज्यों से शिमला आने वाले वाहन मालिक मोबाइल ऐप से अपनी फीस जमा कर सकेंगे। इसके अलावा शहर के होटलों, पार्किंग संचालकों की मदद से भी ग्रीन फीस जमा कर सकते हैं। नगर निगम पेट्रोल पंप, लोकमित्र केंद्र, कैफे आदि के जरिए भी पर्यटकों को फीस जमा करने की सुविधा देने पर विचार कर रहा है। हालांकि, बिना बैरियर के होने वाली फीस वसूली कितनी कारगर रहती है, इसका आने वाले दिनों में पता चल पाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें