क्षमता निर्माण कार्यशाला में सीएम सुखविंद्र सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बड़ी घोषणा की है। अब एक बेटी के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले परिवार को 35 हजार की जगह दो लाख और दो बेटियों पर मिलने वाले 25 हजार की जगह एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सुक्खू ने यह घोषणा इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के तहत की है। गर्भधारण से पूर्व और प्रसव से पहले निदान तकनीक पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम 1994 के तहत वीरवार को हॉलीडे होम शिमला में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआरएस डाटा 2018-20 के अनुसार हिमाचल प्रदेश में लिंगानुपात 950 है, जो देश में तीसरे स्थान पर है और उन्हें पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य हासिल करना होगा।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भ्रूण हत्या को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। सुक्खू ने अधिनियम के तहत सोनोग्राफी मशीन का पंजीकरण कराने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली का आरंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के उपयोग से आवेदक अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे हर आवेदन की वास्तविक समय-स्थिति को ट्रैक करना भी संभव होगा। इस प्रणाली से एक सुरक्षित और प्रभावी डाटाबेस की सुविधा दी जा सकेगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव स्वास्थ्य नीरज कुमार, विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
भरमौर और ननखड़ी ब्लॉक में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं
भरमौर और ननखड़ी ब्लॉक में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री ने भ्रूण हत्या रोकने के दृष्टिगत बेहतर काम करने के लिए जिला चंबा के भरमौर, जिला शिमला के ननखड़ी और मंडी जिला के जंजहैली ब्लॉक को सम्मानित किया, जिनमें लिंगानुपात क्रमश: 1015, 1087 और 996 है।
एक क्लिक पर व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री पता लगेगी
प्रदेश में आधार से लिंक कर हेल्थ कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे एक क्लिक पर व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री पता लग सके। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के बड़े स्वास्थ्य संस्थानों पर बोझ कम करने के लिए ब्लॉक स्तर के संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए कदम उठाए हैं। 36 विधानसभा क्षेत्रों में 6-6 मेडिकल विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है और जल्द ही 32 अन्य संस्थानों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी।