हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की गड़सा घाटी स्थित मनिहार नामक जगह के पास पंचानाला में बन रही एनएचपीसी चरण-दो की डायवर्जन टनल धंसने से चार कामगारों की मौत हो गई। हादसे में एक कामगार घायल हो गया है, जबकि एक अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया, डीएसपी हेडक्वार्टर प्रियंक गुप्ता और डॉक्टरों की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
इसके अलावा दो एंबुलेंस भी घटनास्थल के लिए भेजी गईं। रेस्क्यू अभियान के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद मलबे में दबे चार लोगों के शव निकाले गए। एनएचपीसी की इस टनल का काम एक ठेकेदार कर रहा है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे के आसपास एनएचपीसी चरण-दो की 32 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल के साथ बन रही डायवर्जन टनल (सब टनल) में काम चल रहा था। छह लोग शिफ्ट में काम कर रहे थे। इस दौरान अचानक टनल धंसने से यहां काम कर रहे छह कामगार मलबे में दब गए।
इसकी सूचना एनएचपीसी के सुरक्षा अधिकारी को दी गई और उन्होंने इसकी जानकारी जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को दी। हादसे के बाद कार्य स्थल पर अफरातफरी मच गई। घायल रामचंद्र (20) नेपाल का रहने वाला है, जिसे उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल लाया गया। हादसे में पूर्ण (26) निवासी भडेउली गड़सा पूरी तरह ठीक है। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी।मृतकों की पहचान
अमर (28) निवासी पालगी गड़सा (कुल्लू), कुलदीप कुमार (28) निवासी बल्दवाबोहल (सिरमौर), बबलू (36) निवासी नेपाल और नवीन (42) निवासी दार्जिलिंग के रूप में हुई है।
टनल निर्माण में जा चुकी है दर्जनों कामगारों की जान
एनएचपीसी चरण-दो की गड़सा घाटी के शिलागढ़ में बन रही परियोजना की करीब 32 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल में अभी तक दर्जनों मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई बार हुए हादसों में टनल निर्माण में लगे मजदूर जान गंवा चुके हैं। पारली पंचायत के प्रधान राज मल्होत्रा ने बताया कि कुछ साल पूर्व शिलागढ़ के आसपास बादल फटने से दर्जनों कामगारों की मौत हुई थी।