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ऊना आएंगी देशभर में फंसे हिमाचल के लोगों को लाने वाली ट्रेनें

Wed, 06 May 2020 07:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल और अन्य राज्यों में फंसे लोगों को घर पहुंचाने की कवायद में जुटी सरकार ने राज्यों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। बुधवार को राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने गोवा में फंसे करीब 1200 से ज्यादा लोगों को लाने के लिए संपर्क साधा है। रेलवे से भी ट्रेन मुहैया कराने को कहा है। अब रेलवे और गोवा सरकार इन लोगों का सत्यापन करेगी। इसके बाद लोगों को लाने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रमुख सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार सिर्फ वही लोग आवेदन करें, जो परेशानी में हैं। उस राज्य की सरकार की अनुमति के बिना किसी को भी लाना संभव नहीं होगा। कहा कि बसों से आने के दौरान अगर एक  भी पॉजिटिव हुआ तो सभी को खतरा हो सकता है।

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अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य राज्य में सुरक्षित है तो वह वहीं रहे। किसी जरूरत के लिए सरकार से संपर्क करे। कोशिश की जाएगी कि उसकी समस्या का वहीं समाधान किया जाए। आने वाले लोगों के लिए रेलवे से संपर्क किया है। दूसरे राज्यों के रेलवे स्टेशनों पर लोगों को उतारने के दौरान वहां के  प्रशासन पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसलिए निर्णय हुआ है कि अब ऊना के रेलवे स्टेशन पर ही सभी यात्रियों को उचित मेडिकल जांच के बाद उतारा जाएगा। फिर यहां से बसों के  जरिये अन्य राज्यों को भेजा जाएगा। कहा कि प्रदेश से जाने के लिए अनौपचारिक रूप से यूपी, बिहार में करीब पांच-पांच हजार आवेदन आए हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा से हिमाचल आने वालों की भी संख्या तीन-तीन हजार से ज्यादा है।

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पठानकोट प्रशासन ने हिमाचल से जाने वालों को नहीं दिया प्रवेश

पठानकोट प्रशासन ने हिमाचल से प्रवेश करने वाले और पंजाब के पठानकोट, जालंधर व अमृतसर इत्यादि जाने वाले हिमाचल वासियों को पठानकोट जाने की बिल्कुल अनुमति नहीं दी गई। जसूर के बोड निवासी को जरूरी काम के लिए लुधियाना जाना था, लेकिन उसे अपने स्टेशन पर जाने की अनुमति नहीं मिली।

हिमाचल पंजाब मैत्री संघ के संयोजक अशोक शर्मा ने कहा कि कुछ लोग स्वार्थवश  इस प्रकार का खेल खेल रहे हैं। इस टकराव के चलते जसूर सब्जी के संचालकों के माथे पर चिंता के बादल छाने लग पड़े हैं कि अगर पठानकोट में उनकी गाड़ियों को जाने नहीं दिया गया तो सब्जी कहां से आएगी। वहीं, एसडीएम नूरपुर सुरिंदर ठाकुर ने बताया कि पठानकोट प्रशासन के किसी गाड़ी की रोके जाने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
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