यूजी कोर्स में छात्रों को डिग्री में ऑनलाइन या डीटीएच के लेक्चर के माध्यम से विषय की पढ़ाई करने के लिए विषयों का चयन कर च्वायस देने का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इस सुविधा से दूर दराज क्षेत्रों के छात्रों को सबसे अधिक लाभ होगा, जहां पर कुछ विषयों को पढ़ाने को या तो शिक्षक नहीं है, या पद होने के बावजूद शिक्षक ही नहीं मिल पा रहे हैं।
इसमें हर विषय के 30 से 35 माड्यूल होंगे। इसके लेक्चर छात्र ऑनलाइन देख और सुन सकेगा और इससे संबंधित सवाल भी पूछ सकेगा। जहां इंटरनेट सुविधा नहीं होगी, वहां लेक्चर स्वयम के माध्यम से डीटीएच पर भी उपलब्ध रहेंगे। छात्रों को क्लास की तरह टीवी पर लेक्चर उपलब्ध रहेंगे।
मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स की परीक्षाएं विश्वविद्यालय करवाएगा। मूल्यांकन का कार्य भी विश्वविद्यालय के जिम्मे होगा। छात्रों को ओपन ऑनलाइन कोर्स करने पर अलग से एक सर्टिफिकेट और डिग्री में 20 फीसदी अतिरिक्त क्रेडिट मिलेंगे।
विवि के कुलसचिव प्रो. नारटा ने कहा कि मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स योजना में ऑनलाइन या डीटीएच के माध्यम से पढ़ने की सुविधा छात्रों को दी जाएगी। इसके लिए कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसे आर्डिनेंस तथा स्टेटयूट में शामिल किया जाएगा। उसके बाद क्रेडिट सिस्टम वाले यूजी कोर्स में इसे पहले शुरू करने की तैयारी की जाएगी।
निदेशक प्रो. नड्डा भी रहे वर्कशॉप में मौजूद
दिल्ली में एमओओसी की वर्कशॉप में देश भर के 127 विश्वविद्यालयों के कोआर्डिनेटर ने हिस्सा लिया। यूजीसी के कंसोरटियम ऑफ एजूकेशन कम्यूनिकेशन के निदेशक प्रो. जेबी नड्डा भी मौजूद रहे।