मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रदेश के युवाओं का कौशल स्तरोन्यन सुनिश्चित बना रही है। रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने पर सरकार बल दे रही है, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण मिलने के तुरंत बाद नौकरी भी मिल सके।
यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश कौशल विकास निगम उद्योगों के साथ बेहतर तालमेल बनाए, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत प्रशिक्षु को शीघ्र रोजगार प्राप्त हो सके। रोजगार मेला करवाने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके घर के नजदीक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के राज्य प्रमुख जितेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रदेश में अब तक 24 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 1 लाख 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।