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हिमाचल में 2000 करोड़ के प्रोजेक्ट हुए हैं मंजूर, धन की नहीं आएगी कमी: जयराम

Tue, 16 Feb 2021 10:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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मख्यमंत्री जयराम ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सूबे के सैकड़ों प्रोजेक्टों को हरी झंडी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अटके इन प्रोजेक्टों को अब करीब 2000 करोड़ रुपये से 685.58 हेक्टेयर क्षेत्र में जमीन पर उतारा जा सकेगा। कोरोना काल में पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था के बीच इन प्रोजेक्टों के लिए बजट के सवाल पर सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त धन है। फिर भी कोई कमी आएगी तो केंद्र से बात की जाएगी। सीएम बुधवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे। 605 परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद सीएम ने केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर निर्माण के लिए भी हरी झंडी मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष सही तरीके से रखने में सफल रही है। 

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सीएम ने कहा कि एफसीए की 138 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें 20 बिजली परियोजनाएं, 88 सड़क परियोजनाएं, पांच पेयजल और अन्य परियोजनाएं, तीन बस अड्डा परियोजनाएं, दो राजकीय महाविद्यालय, कोषागार कार्यालय भवन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, एक-एक आईआईटी कमांद, स्कूल, कार पार्किंग, सब मार्केट यार्ड, पुलिस पोस्ट, गो सदन, रोपवे मनाली हैलीपेड, शिवधाम मंडी, पुल आदि शामिल हैं।  मंडी में पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी शिव धाम परियोजना को भी न्यायालय ने मंजूरी दी है।  एफआरए में 465 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। इनमें 334 सड़क परियोजनाएं, 53 स्कूल, 20 सामुदायिक केंद्र, 18 पेयजल आपूर्ति, पानी की पाइपलाइन, 13 टैंक और अन्य लघु जलस्रोत, 10 औषधालय या अस्पताल, 7 आंगनबाड़ी केंद्र, 6 कौशल उन्नयन, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र और उचित मूल्य की दुकान, विद्युत, टेलीलाइन, लघु सिंचाई चैनल और जल या वर्षा संग्रहण संरचना आदि परियोजनाएं शामिल हैं।

1337 करोड़ रुपये के ग्रीन कोरिडोर नेशनल हाईवे सिरमौर और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मंजूर 61.48 करोड़ रुपये लागत के टू लेन नेशनल हाईवे 20ए यानी नया एनएच 503 धर्मशाला प्रमुख परियोजनाएं हैं।  उन्होंने कहा कि 56.36 करोड़ रुपये लागत के 66 केवी लाइन सैंज उप केंद्र से लास्टाधार, 12.54 करोड़ रुपये लागत के वर्तमान 33/11 केवी उपकेंद्र के स्तरोन्नयन, दो एमवी सोलर पीवी काजा की स्थापना को 19.31 करोड़ की योजना, 2.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी तलयार मंडी और 6.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 केवी मानव रहित उप केंद्र मनाली के निर्माण के लिए भी अनुमति प्रदान की गई है। 

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अस्पताल और औषधालय शुरू करने में मदद करेगा केंद्र

न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड की 338.31 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में निरमंड से कोटला उप केंद्र की 31.73 करोड़ रुपये की 66 केवी डीसी लाइन, 11.97 करोड़ रुपये की कुरथला-बठार से माजरा की 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन, अंधेरी कालाअंब में  66.47 करोड़ रुपये की 220/132/33 केवी उप केंद्र, दैहन से हमीरपुर 119.58 करोड़ रुपये की 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और लाहा में 108.58 करोड़ रुपये की 66/220 केवी हेलिंग उप केंद्र शामिल हैं। 46.80 करोड़ रुपये की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। शिक्षा विभाग की 142.67 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को भी सर्वोच्च न्यायालय की ओर से मंजूरी दी गई है। नगर निगम शिमला, पशुपालन, परिवहन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद और निर्वाचन विभाग की 20 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है। 

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मंगलवार को शिमला में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के सचिव अपूर्व चंद्रा ने भेंट की। इस अवसर पर अपूर्व चंद्रा ने कहा कि प्रदेश को केंद्रीय मंत्रालय की ओर से ईएसआईसी योजना के तहत अस्पताल और औषधालय शुरू करने और इसे चलाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। अपूर्व चंद्रा ने केंद्र सरकार की ओर से श्रम संहिता पारित किए जाने के बाद प्रदेश में नियमों के सूत्रीकरण की वस्तु स्थिति की समीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय में बैठक भी की। सीएम से प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र अनु जे. सिंह ने भी मुलाकात की है।   
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कांग्रेस के लिए कर्ज के 50 करोड़ हमें चुकाने पड़ रहे : जयराम  

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा रही कांग्रेस सरकारों ने ही सर्वाधिक कर्ज लिए हैं। इसकी अदायगी हमारी बाध्यता हो गई है। कांग्रेस के लिए ऋण के सरकार को पांच साल में 50 करोड़ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। जिस तरह की देनदारियां पिछली सरकारों ने खड़ी की हैं, उन्हें चुकाना वर्तमान सरकार की बाध्यता बन गई है।

इसी वजह से नए कर्ज भी लेने पड़ रहे हैं। सरकार के पास एफसीए और एफआरए में मंजूर हुई तमाम परियोजनाओं में पर्याप्त फंड हैं। अगर कहीं कोई समस्या होगी तो उसका भी उचित जगह से निदान कर दिया जाएगा। केंद्रीय विवि के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि इस बारे में भी सरकार की आस बढ़ गई है कि इसके लिए वांछित वन क्लीयरेंस जल्दी मिलेगी। 
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