हमीरपुर के उपमंडल की टीहरा पंचायत में दो सगे भाई चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। प्रधान पद के लिए वैसे तो चार उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन इस बार दो भाइयों के बीच जीत हार को लेकर चर्चाओं का माहौल गरमाया हुआ है।
दो भाइयों के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। परिवार में ही वर्चस्व की जंग कौतूहल का विषय बनी हुई है। दोनों भाइयों में इस बार कांटे की टक्कर बताई जा रही है। पंचायत प्रधान प्रत्याशी दोनों भाई अपनी साख बचाने को दिन रात एक कर रहे हैं।
चुनावी चिन्ह मिलते ही प्रचार प्रसार ने भी जोर पकड़ लिया है। बड़ा भाई जहां वर्तमान में पंचायत का उपप्रधान है तो छोटा भाई पहले प्रधान रह चुका है। वर्ष 2005 में टीहरा पंचायत में छोटे भाई रमेश ने अपने बड़े भाई को सात वोट से हराकर टीहरा की प्रधानगी संभाली थी।
दोनों भाईयों का इस बार फिर चुनावी दंगल में आमना सामना है। बड़ा भाई जहां छोटे भाई से मिली हार का बदला चुकाने की कोशिश में है, वहीं छोटा भाई अपनी जीत को कायम रखने के लिए प्रचार में जुट गया है। रमेश को चुनाव चिन्ह जीप तो जीवनदास को चुनाव चिन्ह हैंडपंप मिला है। पिछले चुनाव में एससी सीट होने से रमेश बाहर थे। हार जीत का फैसला रिजल्ट आने के बाद होगा।