मोबाइल का सिग्नल नहीं मिल पाया। पुलिस के अनुसार रात करीब 11 बजे भुवनेश्वर व कपिल का फोन आया और कहा कि वे रास्ता भटक गए हैं। इसके बाद रात को तीनों यात्री उनकी तलाश में वापस जंगल की ओर गए।
लंबी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो वह वापस नौहराधार आ गए। रविवार को वह पुन: साथियों को ढूंढने निकले, लेकिन रविवार दिनभर की तलाश के बाद भी दोनों का सुराग नहीं लगा। उन्होंने नौहराधार पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
सोमवार सुबह ही पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन छेड़ दिया। सोमवार को भी दिनभर पुलिस और वन विभाग के जवान ग्रामीणों के साथ दोनों की तलाश में जुटे रहे। देर शाम रेस्क्यू टीम ने दोनों को तलाश लिया है। रेस्क्यू टीम ने इसकी सूचना नौहराधार पुलिस चौकी को भी भेज दी है।
एसएचओ संगड़ाह जीत राम ने कहा कि दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को ट्रेस कर लिया है। दोनों की हालत गंभीर है। उन्हें 108 एंबुलेंस से सोलन अस्पताल ले जाया जा रहा है।
चूड़धार के जंगल में यात्रियों के लापता होने का यह पहला मामला नहीं है। इस वर्ष 16 अप्रैल को मध्य प्रदेश का एक लड़का और पंजाब की लड़की लापता हो गए थे।
दोनों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। वर्ष 2018 में इसी जंगल में हरियाणा के पांच लोग रास्ता भटक गए थे। 2 जुलाई, 2018 को श्रुति भी तीसरी के पास ही लापता हो गई थी। इसका बाद कंकाल ही बरामद हुआ।