हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित पीएनबी की शाखा में 26 फर्जी केसीसी ऋण स्वीकृत कर एक करोड़ 12 लाख की चपत लगाने के मामले में विशेष न्यायाधीश सीबीआई शिमला की अदालत ने पूर्व बैंक प्रबंधक सहित दो अन्यों को दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया है। पूर्व बैंक प्रबंधक शिवदयाल बोध, मीने राम और ताशी फुं चोग के खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामले दर्ज किए हैं।
इसमें अब 24 जून को सजा सुनाई जाएगी। मामले में पेश तथ्यों के अनुसार वर्ष 2010 से 2012 तक दोषी शिवदयाल बोध ने अपने ओहदे का दुरुपयोग कर बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर 26 फ र्जी केसीसी लोन तैयार किए। इन फर्जी ऋण को स्वीकृत करने के लिए फर्जी राजस्व दस्तावेजों का प्रयोग किया। बैंक के सर्किल हेड राजीव खन्ना की लिखित शिकायत पर सीबीआई ने इनके खिलाफ मामले दर्ज कर जांच की।